यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Odisha Forest Fire: ओडिशा के जंगल में फैली, गंजाम से शुरू हुआ था अगलगी का सिलसिला; वन्यजीवों के लिए बढ़ा खतरा
Odisha Forest Fire गर्मी के मौसम से पहले ओडिशा में जंगल में आग लगने की घटनाओं में वृद्धि हुई है। इस बार गंजाम जिले से जंगल में आग लगने की घटनाओं की एक ...और पढ़ें

अनुगुल, संतोष कुमार पांडेय: गर्मी के मौसम से पहले ओडिशा में जंगल में आग लगने की घटनाओं में वृद्धि हुई है। इस बार गंजाम जिले से जंगल में आग लगने की घटनाओं की एक श्रृंखला अब वन्यजीवों के लिए खतरा पैदा कर रही है, जो वन विभाग के लिए चिंता का विषय बन गई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले तीन दिनों से सोरदा वन प्रभाग के तहत दक्षिण घुमूसुर वन परिक्षेत्र के तहत गजलबाड़ी, रामबाड़ी और गिरकुआ के कई वन क्षेत्रों में आग लगने की सूचना मिली है।
हालांकि, वन विभाग के अधिकारियों और वन सुरक्षा समिति के सदस्यों द्वारा आग बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन आग पर काबू पाना मुश्किल हो रहा है।
स्थानीय लोग आग बुझाने में धुएं से हुए परेशान
एक स्थानीय निवासी ने बताया कि देबासोरो पहाड़ी पर आग लगने के बाद हमने अन्य ग्रामीणों के साथ मिलकर जंगल में आग बुझाने के उपाय शुरू किए थे, लेकिन आग की लपटों और धुंआ से परेशान हो कर हम वापस आ गए। वन कर्मी और अग्निशमन विभाग आग पर काबू पाने की कोशिश में दिन रात जुटे हुए हैं।
इससे पहले, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ), देबिदत्त बिस्वाल ने भी हाल ही में इस साल जंगल में आग की घटनाओं में वृद्धि की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि वास्तव में जनवरी के अंतिम सप्ताह से ही जंगल में आग लगने की सूचना मिल रही है। शुष्क मौसम भी मदद नहीं कर रहा है।
प्राकृतिक संसाधन हो रहे नष्ट
अगर इस साल की शुरुआत में बारिश नहीं हुई तो हम इस साल भी जंगल में आग लगने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता हैं। जैसे-जैसे आग जंगल से जंगल में फैल रही है, वैसे-वैसे ओड़िशा की प्राकृतिक सौंदर्य के साथ साथ छोटे वन्य जंतु, बहुमूल्य वनस्पतियां, औषधीय पौधे के साथ प्राकृतिक संसाधन नष्ट हो रहे हैं।
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वहीं, जंगल की आग ने स्थानीय निवासियों में दहशत पैदा कर दी है, क्योंकि क्षेत्र में गर्मी और धुएं के बढ़ने से लोग बेहाल हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में फरवरी, 2023 में जंगल में आग लगने की 659 घटनाएं दर्ज की गईं हैं, जो देश में सबसे अधिक हैं।
वहीं, कुछ वन विशेषज्ञ की माने तो एक तरफ गर्मी के कारण प्राकृतिक रूप आग लग रही है, वहीं दूसरी ओर जंगल मे महुआ चुनने के चक्कर में स्थानीय लोगों द्वारा भी आग लगाई जा रही है।