OSSSC भर्ती विवाद पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 337 अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता साफ
उड़ीसा हाईकोर्ट ने ओएसएसएससी के भर्ती प्रक्रिया रोकने के आदेश को रद्द कर दिया है। न्यायमूर्ति बिरजा प्रसन्न सतपथी की ...और पढ़ें
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ओडिशा हाई कोर्ट ने सुनाया फैसला। (जागरण)
HighLights
हाईकोर्ट ने ओएसएसएससी के भर्ती आदेश को रद्द किया।
337 अभ्यर्थियों की नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त हुआ।
आयोग को तीन सप्ताह में नाम भेजने का निर्देश।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। नौकरी की आस लगाए बैठे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए उड़ीसा हाईकोर्ट ने ओडिशा सब-ऑर्डिनेट स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (ओएसएसएससी) के आदेश को रद कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले से 337 अभ्यर्थियों की नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
न्यायमूर्ति बिरजा प्रसन्न सतपथी की एकल पीठ ने 250 से अधिक याचिकाओं पर संयुक्त सुनवाई करते हुए यह अहम निर्णय सुनाया। सभी याचिकाओं में मुद्दा समान होने के कारण अदालत ने एक साथ सुनवाई कर साझा फैसला दिया।
भर्ती प्रक्रिया पर लगा दी थी रोक
दरअसल, ओएसएसएससी ने 10 अक्टूबर 2025 को कंबाइंड रिक्रूटमेंट एग्जाम (सीआरई)-2023 के तहत लाइवस्टॉक इंस्पेक्टर, फॉरेस्टर और फॉरेस्ट गार्ड पदों की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी।
अभ्यर्थियों ने दी थी चुनौती
इसके साथ ही 19 फरवरी 2025 को जारी शो-कॉज नोटिस को भी अभ्यर्थियों ने अदालत में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने दोनों आदेशों को निरस्त करते हुए आयोग के फैसले को अवैध ठहराया और अभ्यर्थियों के पक्ष में निर्णय दिया।
अदालत ने ओएसएसएससी को निर्देश दिया है कि वह तीन सप्ताह के भीतर चयनित अभ्यर्थियों के नाम राज्य सरकार को भेजे। साथ ही संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि सिफारिश मिलते ही बिना देरी के नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाए।
हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इन अभ्यर्थियों को पहले से कार्यरत कर्मचारियों पर वरिष्ठता का लाभ नहीं मिलेगा।इस फैसले से लंबे समय से चल रहे भर्ती विवाद पर विराम लग गया है और सैकड़ों अभ्यर्थियों की उम्मीदों को नई दिशा मिली है।
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