ओडिशा: डिजिटल अरेस्ट कर ठगी के शिकार प्रोफेसर को मिली राहत, क्राइम ब्रांच ने वापस कराए ₹1.10 करोड़
ओडिशा में 'डिजिटल अरेस्ट' के शिकार हुए एक सेवानिवृत्त प्रोफेसर को 2.45 करोड़ रुपये की ठगी के बाद बड़ी राहत मिली है। ...और पढ़ें

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HighLights
सेवानिवृत्त प्रोफेसर 'डिजिटल अरेस्ट' ठगी में 2.45 करोड़ गंवाए।
क्राइम ब्रांच ने 1.10 करोड़ रुपये बरामद कर वापस किए।
ओडिशा में 'डिजिटल अरेस्ट' साइबर धोखाधड़ी के मामले बढ़ रहे।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा में साइबर ठगी के शिकार हुए एक सेवानिवृत्त प्रोफेसर को बड़ी राहत मिली है। राज्य की अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) ने फरवरी में तथाकथित 'डिजिटल अरेस्ट' के जरिए ठगे गए 2.45 करोड़ रुपये में से 1.10 करोड़ रुपये बरामद कर पीड़ित के बैंक खाते में वापस करा दिए हैं। मामले में अभी तक किसी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
जानकारी के अनुसार, ठगों ने प्रोफेसर को फोन कर दावा किया कि उनका आधार कार्ड एक आतंकी के बैंक खाते से जुड़ा हुआ है। इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए खुद को खुफिया एजेंसी का अधिकारी बताकर उन्हें व्हाट्सएप पर फर्जी 'डिजिटल अरेस्ट' आदेश भेजा गया।
आदेश में घर से बाहर न निकलने और किसी से संपर्क न करने की चेतावनी दी गई। चार दिनों तक मानसिक दबाव बनाकर ठगों ने उनसे अलग-अलग बैंक खातों में कुल 2,45,24,540 रुपये ट्रांसफर करा लिए।
धोखाधड़ी का अहसास होने पर पीड़ित ने 2 मार्च को क्राइम ब्रांच की साइबर क्राइम यूनिट में एफआइआर दर्ज कराई। बाद में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर भी शिकायत की गई।
जांच के दौरान साइबर विशेषज्ञों ने धन के लेन-देन का विश्लेषण कर लाभार्थी खातों का पता लगाया। इनमें से एक खाते में मौजूद 1.10 करोड़ रुपये तत्काल फ्रीज करा दिए गए। अदालत की अनुमति और संबंधित बैंक के सहयोग से यह राशि पीड़ित के खाते में वापस जमा करा दी गई।
तेजी से बढ़ रहे हैं 'डिजिटल अरेस्ट' के मामले
क्राइम ब्रांच के अनुसार, ओडिशा में साइबर ठगी और 'डिजिटल अरेस्ट' के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वर्ष 2025 में राज्य में साइबर धोखाधड़ी की 49,426 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें 432.28 करोड़ रुपये की ठगी हुई। इनमें से 68.71 करोड़ रुपये फ्रीज किए गए, जबकि 5.31 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस कराए गए।
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वहीं, जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच 16,335 शिकायतों में 134.24 करोड़ रुपये की साइबर ठगी दर्ज की गई। इस दौरान 24.27 करोड़ रुपये फ्रीज किए गए और 2.97 करोड़ रुपये पीड़ितों को लौटाए गए।
पुलिस की अपील
ओडिशा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, सीबीआइ, ईडी, आयकर विभाग या किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल के माध्यम से पूछताछ करे या पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाए, तो उस पर बिल्कुल भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल की सूचना तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर दें।