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    ओडिशा: राउरकेला RTO के 2 कर्मचारी 26000 रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार, विजिलेंस ने रंगेहाथ दबोचा

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 08:31 PM (IST)

    ओडिशा विजिलेंस ने राउरकेला आरटीओ के दो कर्मचारियों, निरंजन सांधा और धर्मेंद्र बेहरा को 26,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा। यह रिश्वत बैंक द ...और पढ़ें

    राउरकेला RTO के 2 कर्मचारी 26000 रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार, विजिलेंस ने रंगेहाथ दबोचा

    राउरकेला RTO के 2 कर्मचारी 26000 रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार, विजिलेंस ने रंगेहाथ दबोचा

    HighLights

    1. राउरकेला आरटीओ के दो कर्मचारी 26,000 रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार।

    2. विजिलेंस ने फ्रेश रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी करने पर की कार्रवाई।

    3. आरोपितों के ठिकानों पर छापेमारी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला।

    जागरण संवाददाता, राउरकेला। ओडिशा विजिलेंस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बुधवार (5 अगस्त) को राउरकेला क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के दो कर्मचारियों को 26,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।

    पकड़े गए आरोपितों की पहचान डीलिंग क्लर्क-सह-नाइट वॉचर निरंजन सांधा और आईटी एग्जीक्यूटिव धर्मेंद्र कुमार बेहरा के रूप में हुई है। यह घूस बैंक द्वारा नीलाम किए गए दो ट्रकों का फ्रेश रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (एफआरसी) जारी करने की एवज में मांगी गई थी।

    जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने हाल ही में इंडसइंड बैंक द्वारा नीलाम किए गए दो ट्रक खरीदे थे। ट्रकों के पुराने मालिक ने बैंक का कर्ज नहीं चुकाया था, जिसके बाद बैंक ने इन वाहनों की नीलामी कर दी थी।

    ओडिशा सरकार के परिवहन विभाग के नियमों के तहत, नए मालिक ने अपने दोनों ट्रकों के नए रजिस्ट्रेशन (एफआरसी) के लिए राउरकेला आरटीओ कार्यालय में आवेदन किया था।

    आरोप है कि बार-बार चक्कर लगाने और अनुरोध करने के बावजूद डीलिंग क्लर्क निरंजन सांधा उसकी फाइल आगे नहीं बढ़ा रहा था। इसके विपरीत, उसने काम करने के लिए प्रति ट्रक 13,000 रुपये के हिसाब से कुल 26,000 रुपये की रिश्वत की मांग की।

    रिश्वत की इस अनुचित मांग से क्षुब्ध होकर वाहन मालिक ने मामले की शिकायत ओडिशा विजिलेंस के अधिकारियों से कर दी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद विजिलेंस की टीम ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत जाल बिछाया।

    बुधवार को जैसे ही डीलिंग क्लर्क निरंजन सांधा और उसके सहयोगी आईटी एग्जीक्यूटिव धर्मेंद्र कुमार बेहरा ने शिकायतकर्ता से 26,000 रुपये की रिश्वत ली, वहां पहले से मुस्तैद विजिलेंस की टीम ने दोनों को रंगेहाथ दबोच लिया। अधिकारियों ने उनके पास से रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर जब्त कर ली है।

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    इस सफल ट्रैप के तुरंत बाद, आय से अधिक संपत्ति (डीए) के दृष्टिकोण से डीलिंग क्लर्क निरंजन सांधा से जुड़े तीन अलग-अलग ठिकानों पर विजिलेंस द्वारा एक साथ छापामारी की जा रही है।

    इस संबंध में राउरकेला विजिलेंस पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत मामला (कांड संख्या- 07, दिनांक- 05.08.2026) दर्ज कर लिया गया है। आरोपितों के खिलाफ आगे की जांच और विस्तृत पूछताछ जारी है।