ओडिशा में रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़े गए कोर्ट अमीन और ब्लॉक अकाउंटेंट, 5 ठिकानों पर छापेमारी
पश्चिम ओडिशा में विजिलेंस ने दो सरकारी अधिकारियों, कोर्ट अमीन निर्मलेंदु कबी और ब्लॉक अकाउंटेंट देवेंद्र साहू को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा। ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर

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संवाद सहयोगी, संबलपुर। मंगलवार के दिन, विजिलेंस विभाग की अलग अलग टीम ने पश्चिम ओड़िशा के बलांगीर जिला बंगोमुंडा तहसील के कोर्ट अमीन निर्मलेंदु कबी और कालाहांडी जिला जूनागढ़ ब्लॉक के अकाउंटेंट सह डाटा एंट्री ऑपरेटर देवेंद्र साहू को रिश्वत वसूलते रंगेहाथ पकड़ा। इसके बाद दोनों के पांच ठिकानों की तलाशी ली गई।
संबलपुर मंडल विजिलेंस की ओर से मंगलवार के दिन, बलांगीर जिला के बंगोमुंडा तहसील कार्यालय में औचक छापेमारी कर कोर्ट अमीन निर्मलेंदु कबी को रिश्वत के 15 हजार रूपए के साथ पकड़ा गया।
फाइल प्रोसेस करने के लिए रिश्वत वसूला
बंगोमुंडा तहसील अंतर्गत एक जमीन के बंटवारे का स्केच मैप बनाने और अलग पट्टे जारी करने की फाइल प्रोसेस करने के लिए यह रिश्वत वसूला जा रहा था। बताया गया है कि आर एंड डीएम विभाग में सरकार के नियमों के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने अपनी जमीन के बंटवारे के लिए काबिल अथॉरिटी के सामने आवेदन किया था।
जमीन के बंटवारे की जरूरत के हिसाब से, हर शेयरहोल्डर के लिए स्केच मैप ज़रूरी है। इसलिए, शिकायतकर्ता कोर्ट अमीन निर्मलेंदु कबी से मिला और बंटवारे की ज़रूरत के हिसाब से स्केच मैप तैयार करने का अनुरोध किया, लेकिन अमीन कबी ने स्केच मैप और जमीन के बंटवारे और अलग पट्टे जारी करने के लिए 15 हजार रुपए रिश्वत मांगी।
आवेदनकर्ता से रिश्वत लेते हुए पकड़ा
ऐसे में, आवेदनकर्ता ने संबलपुर मंडल विजिलेंस अधिकारियों से संपर्क किया। इसके बाद, विजिलेंस की टीम ने मंगलवार के दिन कोर्ट अमीन निर्मलेंदु काबी को आवेदनकर्ता से रिश्वत लेते हुए पकड़ा और उसके तीन जगहों पर एक साथ तलाशी ली।
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इसी तरह, कोरापुट विजिलेंस मंडल की टीम ने कालाहांडी जिला के जूनागढ़ ब्लॉक अकाउंटेंट सह डाटा एंट्री ऑपरेटर देवेंद्र साहू को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर की मंजूरी के लिए फाइल प्रोसेस करने के लिए एक लाभुक से छह हजार रुपये की रिश्वत वसूलते पकड़ा।
फाइल प्रोसेस करने के लिए छह हजार रुपये रिश्वत
बताया गया है कि करीब एक हफ़्ते से, आवास योजना का लाभुक अपने चयन के बाद फाइल प्रोसेस करने के लिए ब्लॉक कार्यालय के अकाउंटेंट सह डाटा एंट्री ऑपरेटर साहू से अनुरोध कर रहा था, लेकिन आरोपित साहू ने लाभुक से उसकी फाइल प्रोसेस करने के लिए छह हजार रुपये रिश्वत मांग रहा था।
लाभुक गरीब होने के कारण रिश्वत नहीं दे पाया। कोई और रास्ता न मिलने पर, लाभुक ने कोरापुट मंडल विजिलेंस अधिकारियों से संपर्क किया और आरोपित साहू द्वारा परेशान किए जाने के बारे में बताया।
इसके बाद, विजिलेंस की टीम ने मांगकवार के दिन छापेमारी कर अकाउंटेंट सह डाटा एंट्री ऑपरेटर साहू को लाभुक से छह हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा और उसके दो ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली।