Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    ओडिशा के रायगड़ा में एम्बुलेंस बनी जीवनदायिनी, अस्पताल जाते समय रास्ते में महिला ने बच्ची को दिया जन्म

    Updated: Wed, 08 Jul 2026 03:15 PM (IST)

    ओडिशा के रायगड़ा में 108 एम्बुलेंस सेवा ने अस्पताल ले जाते समय एक महिला का रास्ते में ही सुरक्षित प्रसव कराया, जहां उसने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। ...और पढ़ें

    AI Generated Image

    AI Generated Image

    HighLights

    1. रायगड़ा में एम्बुलेंस में हुआ सुरक्षित प्रसव।

    2. ईएमटी और आशा कार्यकर्ता ने निभाई अहम भूमिका।

    3. मां और नवजात दोनों स्वस्थ, मिली सराहना।

    जागरण संवाददाता, अनुगुल। ओडिशा के रायगड़ा जिले में 108 एम्बुलेंस सेवा ने एक बार फिर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की संवेदनशीलता और दक्षता का परिचय दिया।

    अस्पताल ले जाते समय प्रसव पीड़ा असहनीय होने पर एम्बुलेंस को बीच रास्ते में रोककर आपातकालीन चिकित्सा तकनीशियन (ईएमटी) और आशा कार्यकर्ता ने सुरक्षित प्रसव कराया। महिला ने एम्बुलेंस के भीतर ही एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। बाद में मां और नवजात को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को स्वस्थ बताया।

    जानकारी के अनुसार, गुदारी ब्लॉक के चाकुंडा गांव निवासी भानु जगरंगा को मंगलवार सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने तत्काल 108 एम्बुलेंस सेवा को सूचना दी। पद्मपुर से पहुंची एम्बुलेंस उन्हें पद्मपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लेकर रवाना हुई। लेकिन बदनल गांव के समीप पहुंचते ही महिला की प्रसव पीड़ा अचानक तेज हो गई।

    Odisha CHC

    स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एम्बुलेंस चालक ने वाहन तत्काल रोक दिया। इसके बाद ईएमटी जुगल किशोर सबर ने आशा कार्यकर्ता ज्योति मांझी की मदद से एम्बुलेंस के भीतर ही सुरक्षित प्रसव कराया। इस दौरान चालक एम. माधव और सहायक रवि सबर ने भी आवश्यक सहयोग दिया।

    सफल प्रसव के तुरंत बाद जच्चा और नवजात को पद्मपुर सीएचसी पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने दोनों की जांच कर उन्हें पूरी तरह स्वस्थ घोषित किया।
    ईएमटी जुगल किशोर सबर ने बताया कि रास्ते में महिला की स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी थी। ऐसे में समय गंवाना जोखिम भरा होता, इसलिए एम्बुलेंस के भीतर ही प्रसव कराने का निर्णय लिया गया।

    खबरें और भी

    रायगड़ा के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं तक समय पर पहुंचना आज भी बड़ी चुनौती है। ऐसे में 108 एम्बुलेंस टीम की त्वरित कार्रवाई और प्रशिक्षित चिकित्सा कौशल ने न केवल सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया, बल्कि मां और नवजात दोनों की जान भी सुरक्षित रखी। स्थानीय लोगों ने एम्बुलेंस कर्मियों की इस मानवीय और सराहनीय पहल की जमकर प्रशंसा की।

    यह भी पढ़ें- Jagannath Rath Yatra 2026: पुरी में रहेगा सुरक्षा का अभेद्य घेरा, एंटी-ड्रोन सिस्टम से होगी आसमान की निगरानी

    यह भी पढ़ें- रथयात्रा से पहले पुरी में हाई अलर्ट: साइबर अपराधियों के निशाने पर 1200 होटल, 11 देशों से चल रही थीं फर्जी वेबसाइटें