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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Odisha News: IAS वीके पांडियन ने अचानक क्यों लिया VRS, नवीन पटनायक सरकार में मिली बड़ी जिम्मेदारी

    By Jagran NewsEdited By: Mukul Kumar
    Updated: Tue, 24 Oct 2023 11:08 AM (IST)

    ओडिशा में आईएएस अधिकारी वीके पांडियन को एक बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें 5T (ट्रांसफॉर्मेशनल इनिशियटिव्स) और नबीन ओडिशा के अध्यक्ष के रूप में नियुक् ...और पढ़ें

    ओडिशा में आईएएस अधिकारी वीके पांडियन को मिली नई जिम्मेदारी
    ओडिशा में आईएएस अधिकारी वीके पांडियन को मिली नई जिम्मेदारी

    HighLights

    1. केंद्र द्वारा 23 अक्टूबर को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए दी गई थी मंजूरी
    2. वीआरएस लेने 24 घंटे के अंदर पांडियन बने 5-टी और नवीन ओडिशा के चेयरमैन

    शेषनाथ राय, भुवनेश्वर। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने प्रदेश में राजनीतिक उठा-पटक के केन्द्र बने अपने व्यक्तिगत तथा फाइव टी सचिव वीके.पांडियन को दशहरा का बड़ा उपहार दिया है। पांडियन के इस्तीफे के 24 घंटे के अंदर मुख्यमंत्री नवीन कैबिनेट मंत्री का दर्जा देते हुए उन्हें 5-टी और नवीन ओडिशा के चेयरमैन नियुक्त कर दिया है। पांडियन ने सोमवार को आईएएस कैडर से सेवानिवृत्ति ले ली थी।

    सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक पांडियन सीधे तौर पर मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के अधीन काम करेंगे। बताया गया है कि वीके पांडियन को कैबिनेट मंत्री के पद पर 5-टी और नवीन ओडिशा के चेयरमैन के रूप में नियुक्त किया गया है।

    इसी के साथ मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के इस फैसले ने वीके पांडियन के भविष्य को लेकर लगाई जा रही अटकलों पर विराम लगा दिया है। हालांकि माना जा रहा है कि वीके पांडियन नवीन पटनायक के करीबी की भूमिका में ही रहेंगे।

    2000 बैच के आईएएस अधिकारी थे पांडियन

    वीके पांडियन 2000 बैच के आईएएस अधिकारी थे। उन्होंने पंजाब कैडर से अपने कार्यकाल की शुरूआत की थी। इसके बाद यहां की आईएएस अधिकारी सुजाता राउत के साथ उनको प्रेम हो गया और उन्होंने उनके साथ शादी कर ली थी। इसके बाद पांडियन ने अपना कैडर परिवर्तन करके ओडिशा आ गए।

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    पांडियन ने ओडिशा में साल 2002-04 तक अपना कैरियर कलाहांडी जिले के धर्मगढ़ से उपजिलाधिकारी के रूप में शुरू किया। इसके बाद 2005-07 तक मयूरभंज जिले के जिलाधिकारी, 9 अप्रैल 2007 से 29 अप्रैल 2011 तक गंजाम में जिलाधिकारी के तौर पर काम किया।

    चूंकि, गंजाम मुख्यमंत्री नवीन पटनायक का चुनावी जिला रहा है, इसी कारण वह मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के सीधे संपर्क में आ गए। इसके बाद मई 2011 में वह मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के निजी सचिव की जिम्मेदारी संभाली। उन्हें 2019 में 5-टी सचिव बनाया गया था।

    जिलों के दौरे को लेकर बने विपक्ष का निशाना

    इस बीच वीके पांडियन ने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के निर्देश पर जिलों का दौरा शुरू कर दिया था। इसे लेकर राज्य की राजनीति खूब गरमाई और विपक्षी दलों ने सड़क से लेकर विधानसभा तक इसका पुरजोर विरोध किया।

    विपक्ष नौकरशाहों के समक्ष जनप्रतिनिधियों की गिरती प्रतिष्ठा को लेकर लगातार नवीन पटनायक सरकार पर हमला बोल रहा था।

    इसके साथ ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल और भुवनेश्वर की सांसद तथा भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता अपराजिता षाड़ंगी ने केंद्रीय कार्मिक विभाग के पास लिखित शिकायत करते हुए वीके पांडियन के खिलाफ आईएएस कैडर नियमों के उल्लंघन को लेकर कार्रवाई की मांग की थी।

    इस शिकायत के आधार पर राज्य के प्रमुख सचिव को जांच का निर्देश दिया गया था। हालांकि अभी तक इस जांच में क्या पाया, इसका खुलासा नहीं हुआ है।

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