यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
छठ आते ही राउरकेला में बन जाता है 'मिनी बिहार', 16 साल से मुंगेर जिले से यहां आ रहीं छठव्रती
Chhath Puja 2023 ओडिशा का राउरकेला छठ आते ही मिनी बिहार बन जाता है। बिहार के मुंगेर जिले का एक ऐसा परिवार भी है जो राउरकेला की रेलवे कॉलोनी में छठ पूज ...और पढ़ें

HighLights
- छठ पूजा में रेलवे कॉलोनी मीनी बिहार का रूप बन जाता है
- रंगीन लाइटों और छठ मईयां की गीतों से गूंजती है रेलवे कॉलोनी
जागरण संवाददाता, राउरकेला। लोक आस्था का महापर्व छठ आते ही रेलवे कॉलोनी मिनी बिहार बन जाता है। रेलवे कॉलोनी में बिहारी परिवार की आबादी डेढ़ हजार से अधिक होने के कारण छठ पूजा पर यहां की रौनक एक अलग ही होती है।
छठ पूजा करने के लिए शहर में रहने वाले लोग गांव की ओर दौड़ते है, लेकिन रेलवे कॉलोनी में एक ऐसा परिवार है, जो बिहार राज्य के मुंगेर जिला के नुआगढ़ी गांव से राउरकेला के रेलवे कॉलोनी में छठ पूजा करने के लिए आता है। अशोक साव और उनकी पत्नी सुनीता देवी गांव में रहते है।
छठ पूजा उनकी पत्नी सुनीता देवी करती है, लेकिन अशोक का पूरा परिवार राउरकेला में रहने के कारण विगत 16 सालों से पत्नी और बच्चों को लेकर राउरकेला में अपने भाई के घर में छठ पर्व मनाने के लिए आता है।
रेलवे कॉलोनी में भी बिहारियों की खासी आबादी होने के कारण महसूस नहीं होता कि वे शहर में छठ पूजा मना रहे है। इसके अलावा रेलवे कॉलोनी में रहने वाले अन्य दर्जनों बिहारियों के घरों में छठ पूजा बहुत धूमधाम के साथ होती है।
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राउरकेला में छठ पूजा क्यों?
सुनीता देवी ने बताया कि पूरा परिवार रेलवे कॉलोनी में होने के कारण बिहार के बजाय राउरकेला आकर पूरे परिवार के साथ एकजुट होकर छठ पर्व मनाती हूं। विगत 16 साल से राउरकेला आकर देवर भीषण और देवरानी रितु साहु के घर में एकत्रित होकर छठ पर्व मना रही हूं।
छठ पूजा आस्था का महापर्व
छठ पूजा हम लोगों के लिए आस्था का महापर्व है। इसी पर्व में भगवान सूर्य की साक्षात दर्शन होने के साथ ही छठी मईयां सभी की मनोकामना पूरी करती हैं, जिसके कारण घाटो और तालाबों में अस्तगामी और उदयगामी भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के लिए परिवार के साथ जाते हैं। यह पर्व मनाने में बहुत आनंद आता है।- रतन पंड़ा, (महाराज), रेलवे कॉलोनी वासी।
छठ मईया के आर्शिवाद से मनोकामना पूर्ण हुई है। इस आस्था के महापर्व में कॉलोनी में रहने वाले छठ व्रतियों की सहायता और सहयोग करने में एक अलग ही आनंद आता है। पुरी कॉलोनी छठ पूजा में रमा हुआ है। मईयां का आर्शिवाद सब पर बना रहे। - मंजू देवी, रेलवे कॉलोनी वासी।
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