यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 29, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Uttarkashi Tunnel: इंतजार खत्म! इस दिन ओडिशा लौटेंगे सुरंग से बाहर निकले श्रमिक, परिजनों से मिले BJP-BJD नेता
400 घंटे तक उत्तरकाशी के सुरंग में फंसे रहने के बाद मंगलवार को श्रमिक बाहर निकले। इसके बाद सभी श्रमिकों को मेडिकल टेस्ट के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराय ...और पढ़ें

HighLights
- सुरंग से निकले 41 श्रमिकों में से पांच श्रमिक ओडिशा के चार जिले के
- श्रमिकों को ऋषिकेश स्थित एम्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया
संवाद सूत्र, संबलपुर/भुवनेश्वर। 400 घंटों तक उत्तरकाशी के सुरंग में फंसे रहने के बाद मंगलवार की रात बाहर निकले श्रमिकों की घर वापसी के लिए और दो दिनों का इंतजार करना पड़ेगा।
बुधवार को इन सभी श्रमिकों को ऋषिकेश स्थित एम्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। बताया गया है कि सुरंग से बाहर निकले सभी श्रमिक मानसिक और शारीरिक रुप से स्वास्थ हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर उन्हें एम्स में रखकर इलाज किया जा रहा है।
41 श्रमिकों में से पांच श्रमिक ओडिशा के चार जिले से
गौरतलब है कि सुरंग से निकले 41 श्रमिकों में से पांच श्रमिक ओडिशा के चार जिले के हैं। उनके सुरक्षित बाहर निकलने और घर वापसी को लेकर राज्य के श्रम मंत्री शारदा प्रसाद नायक पिछले कुछ दिनों से उत्तरकाशी में डेरा डाले हुए हैं। मंगलवार की रात इन श्रमिकों के सुरंग से बाहर निकलने के बाद वह अस्थाई हॉस्पिटल पहुंचकर श्रमिकों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।
परिवार और गांववालों में खुशी का माहौल
इधर, ओडिशा में राज्य के पांचों श्रमिकों के सुरक्षित बाहर निकलने के बाद उनके परिवार और गांववालों में खुशी का माहौल है। नवरंगपुर जिला के तालबेड़ा गांव का भगवान भत्रा भी सुरंग में फंसा हुआ था।
मंगलवार की रात उसके सुरक्षित बाहर निकलने की खबर के बाद नवरंगपुर जिला डाबुगां के बीजद विधायक मनोहर रंधारी तालबेड़ा गांव पहुंचे और भगवान के परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दिया और रात गांव में गुजारा और जश्न में शामिल हुए।
खबरें और भी
बुधवार को भाजपा के पूर्व सांसद बलभद्र माझी और पूर्व सांसद परशुराम माझी समेत भाजपा के नित्यानंद, जगदीश बिशोई समेत अन्य नेता और कार्यकर्ता तालबेड़ा गांव पहुंचकर भगवान के परिवार से मिले और बताया कि मोदी सरकार सभी श्रमिकों के लिए अपनी ओर से हरसंभव सहायता कर रही है।