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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Chess Olympiad India: भारत ने चेस ओलंपियाड में पहली बार जीता गोल्ड, 18 साल के डी गुकेश ने रच दिया इतिहास

    Updated: Sun, 22 Sep 2024 08:12 PM (IST)

    45th Chess Olympiad India Win डी. गुकेश ने बुडापेस्ट में चेस ओलंपियाड (Chess Olympiad 2024) में भारत को अपने पहला गोल्ड मेडल जिताया। गुकेश के अलावा भा ...और पढ़ें

    Chess Olympiad 2024: डी गुकेश ने भारत को दिलाया ऐतिहासिक गोल्ड मेडल
    Chess Olympiad 2024: डी गुकेश ने भारत को दिलाया ऐतिहासिक गोल्ड मेडल

    HighLights

    1. Chess Olympiad: भारत ने चेस ओलंपियाड के ओपन सेक्शन में जीता ऐतिहासिक गोल्ड
    2. गुकेश ने अमेरिका के फेबियानो कारुआना को हराकर रचा इतिहास
    3. भारत अंतिम राउंड से पहले ओपन सेक्शन के स्टैंडिंग में पहले स्थान पर पहुंचा

    स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। डी गुकेश शतरंज की दुनिया के नए बादशाह बन गए हैं। 18 साल के भारतीय शतरंज ग्रैंडमास्टर डी गुकेश ने चेस ओलंपियाड में गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया। शतरंज ओलंपियाड 2024 में ओपन सेक्शन में भारत ने पहली बार गोल्ड जीता। हंगरी के बुडापेस्ट में रविवार को भारत ने यह शानदार जीत हासिल की।

    फाइनल राउंड में दूसरे स्थान पर चल रहे चीन का सामना अमेरिका से था, जहां चीन को करारी हार मिली। स्लोवेनिया के खिलाफ मैच में अर्जुन ने जान सुबेलज को मात दी, जबकि गुकेश ने व्लाहिमीर फेडोसेव को हराया। अर्जुन की जीत के बाद भारत को गोल्ड जीतने के लिए एक अंक की जरूरत थी, जिसे गुकेश ने हासिल कर लिया।

    Chess Olympiad 2024: डी गुकेश ने भारत को दिलाया ऐतिहासिक गोल्ड मेडल

    कहते है ना कि समय से बड़ा कुछ नहीं होता। मेहनत करने वालों को एक-न-एक दिन सफलता जरूर मिलती है। चेस ओलंपियाड 2024 में भारत को गोल्ड जिताने वाले डी गुकेश की इस वक्त काफी चर्चा हो रही है। गुकेश की उम्र जितनी कम है उससे कई ज्यादा उन्होंने ऊंचाइयां छू ली है। गुकेश अगर इस मुकाम तक पहुंचे हैं, तो इसमें उनके पिता डॉक्टर रजनीकांत का पूरा हाथ रहा है। पेशे से ईएनटी विशेषज्ञ रजनीकांत ने करियर बनाने में अपने करियर पर ब्रेक लगा दिया।

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    बेटे का करियर बनाने के लिए उन्होंने विदेशों की यात्रा की। कई बार विदेश में ठहरने का पैसा बचाने के लिए उनके पिता बेटे संग हवाई अड्डे पर ही सो जाते थे। इससे पता चलता है कि कुछ पाने के लिए कुछ खोना ही पड़ता है।

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    अब डी गुकेश ने शतरंज ओलंपियाड 2024 में ओपन सेक्शन में गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया। भारत ने ओलंपियाड में पहली बार स्वर्ण पदक जीता है। गुकेश और अर्जुन ने 11वें दौर में स्लोवेनिया के खिलाफ अपने-अपने मैच जीते । दूसरे स्थान पर रहने वाले चीन ने अमेरिका के खिलाफ दो बोर्ड अंक गंवाए, जिसके बाद भारत को गोल्ड जीतने का मौका मिला।

    इससे पहले 2022 में भारत ने घरेलू धरती पर आयोजित शतरंज ओलंपियाड में कांस्य पदक जीता था। 2014 में भी भारत की झोली में ब्रॉन्ज आया था।