'दूरी से ज्यादा गोल्ड जीतना जरूरी', ग्लासगो Commonwealth Games से पहले नीरज चोपड़ा ने साफ किया अपना लक्ष्य
दो बार के ओलिंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा का कहना है कि वह हर प्रतियोगिता में 90 मीटर का आंकड़ा पार करने को लेकर जुनूनी नहीं हैं। ...और पढ़ें
-1785085902803_m.webp)
नीरज चोपड़ा
HighLights
'जादुई आंकड़े' से ज्यादा गोल्ड पर फोकस: नीरज चोपड़ा
30 जुलाई को क्वालीफिकेशन राउंड में उतरेगा 'गोल्डन बॉय'
ग्लास्गो, पीटीआई। दो बार के ओलिंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा का कहना है कि वह हर प्रतियोगिता में 90 मीटर का आंकड़ा पार करने को लेकर जुनूनी नहीं हैं। नीरज का मानना है कि किसी जादुई नंबर के पीछे भागने के बजाय बड़े खिताब जीतना और मुश्किल हालात में भी लगातार अच्छा प्रदर्शन करना अधिक महत्वपूर्ण है।
पिछले साल दोहा डायमंड लीग में 90.23 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ पहली बार 90 मीटर का बहुप्रतीक्षित आंकड़ा पार करने वाले मौजूदा विश्व चैंपियन ने कहा कि किसी भी चैंपियनशिप में उनकी पहली प्राथमिकता स्वर्ण पदक जीतना होती है जबकि थ्रो की दूरी उसके बाद आती है।
नीरज ने कहा कि नहीं, मुझे ऐसा कोई दबाव महसूस नहीं होता और ना ही मैं किसी खास दूरी को लेकर जुनूनी हूं। एक खिलाड़ी के रूप में मेरा लक्ष्य हमेशा अपनी दूरी में सुधार करना होता है। उन्होंने कहा कि बड़े टूर्नामेंट में सबसे बड़ी चुनौती दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के बीच स्वर्ण पदक जीतना होती है। दूरी दूसरी चीज है। इसलिए मैं अपनी दूरी लगातार बढ़ाने की कोशिश करता हूं।
नीरज 30 जुलाई को ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा के क्वालीफिकेशन दौर में मैदान पर उतरेंगे। नीरज ने माना कि मौसम और अन्य बाहरी परिस्थितियां भाला फेंक प्रतियोगिताओं को काफी प्रभावित करती हैं इसलिए केवल लंबी दूरी नहीं बल्कि निरंतर अच्छा प्रदर्शन भी उतना ही अहम है।
खबरें और भी
उन्होंने कहा कि जब परिस्थितियां कठिन होती हैं तो हम मनचाही दूरी हासिल नहीं कर पाते। ऐसे समय में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना जरूरी होता है। इसलिए मेरा प्रयास रहता है कि मैं अपनी निरंतरता बनाए रखूं और साथ ही दूरी भी बढ़ाता रहूं।