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चोटें भी नहीं रोक पाईं इंग्लैंड महिला रग्बी टीम का विजयी रथ, कप्तान ने बताया क्या है उनकी सफलता का असली फॉर्मूला?

Updated: Mon, 25 May 2026 04:26 PM (IST)

इंग्लैंड की महिला रग्बी टीम, 'रेड रोजेज', ने लगातार आठवीं बार विमंस सिक्स नेशंस खिताब जीता और पांचवीं बार ग्रैंड स्लैम हासिल किया। चोटों और खिलाड़ियों की अनुपस्थिति के बावजूद, टीम ने अपनी 38 मैचों की जीत का सिलसिला जारी रखा।

इंग्लैंड की महिला रग्बी टीम ने किया कमाल

इंग्लैंड की महिला रग्बी टीम ने किया कमाल

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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। रेड रोजेज के नाम से मशहूर इंग्लैंड की महिला रग्बी टीम बॉरदॉ में आखिरी सीटी बजने से बाद खुशी से झूम उठी। खुशी का आलम इस बात से समझा जा सकता था कि खिलाड़ी एक-दूसरे से गले मिल रही थीं। स्कोरबोर्ड पर 43-28 का आंकड़ा चमक रहा था जो टीम की जीत की कहानी को बयां कर रहा था। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने लगातार आठवीं बार विमंस सिक्स नेशंस खिताब जीता, जबकि पांचवीं बार बिना कोई मैच हारे ग्रैंड स्लैम भी हासिल किया।

मजेदार बात यह रही कि टीम की कुछ खिलाड़ियों को खुद नहीं पता था कि उनकी लगातार जीतों का सिलसिला 38 मैचों तक पहुंच चुका है। इस समय जिस इंग्लैंड टीम को हराना बेहद मुश्किल लग रहा है वही टीम 2022 वर्ल्ड कप फाइनल में न्यूजीलैंड से रोमांच मैच में आखिरी पलों में 31-34 से हार गई थी। वह हार खिलाड़ियों के लिए बड़ा झटका थी, लेकिन उसी ने टीम को और मजबूत बना दिया। तब से इस टीम ने अपने खेल को जिस स्तर तक पहुंचाया है उसने उन्हें दुनिया की सबसे खतरनाक टीमों में शामिल कर दिया है। पिछले सात सालों में इंग्लैंड सिर्फ एक मुकाबला हारा है।

रिकॉर्ड बनाने पर नहीं है ध्यान

टीम की कप्तान मेग जोन्स का मानना है कि टीम का ध्यान रिकॉर्ड बनाने पर नहीं होता। उनके अनुसार खिलाड़ी हर मैच में खुद को बेहतर करने की सोच के साथ उतरती हैं। यही वजह है कि टीम इस समय ऐसी स्थिति में है जहां उसे हराना टेढ़ी खीर है।

एक बात यहां गौर करने वाली है कि ये टीम अपनी पूरी क्षमता के साथ मैदान पर नहीं उतर रही है। उसकी कई खिलाड़ी चोटिल हैं, चार खिलाड़ी गर्भवती हैं। बावजूद इसके टीम का प्रदर्शन गिर नहीं रहा है बल्कि नए मानक तय कर रहा है।

फ्रांस दे रही है टक्कर

इंग्लैंड को इस समय अगर कोई टीम टक्कर दे रही है तो वो है फ्रांस। इस बार भी फ्रांस ने मुकाबले में जोरदार वापसी की ।
दूसरे हाफ में उसने इंग्लैंड पर दबाव भी बनाया, लेकिन रेड रोजेज ने मैच को हाथ से नहीं निकलने दिया। स्टार खिलाड़ी सारा बर्न कहती हैं कि यह टीम हार से सीखती है और दोबारा वही गलती नहीं दोहराना चाहती। उनके मुताबिक इंग्लैंड का सपना सिर्फ ट्रॉफियां जीतना नहीं, बल्कि दुनिया की सर्वश्रेष्ठ स्पोर्ट्स टीम बनना है।

प्रोफेशनल सिस्टम ने बदली टीम की तस्वीर

इंग्लैंड की सफलता के पीछे मजबूत ढांचा और निवेश भी बड़ी वजह है। 2019 में महिला खिलाड़ियों को फुलटाइम प्रोफेशनल कॉन्ट्रैक्ट मिलने शुरू हुए, जिससे टीम का स्तर तेजी से ऊपर गया। पिछले साल रग्बी फुटबॉल यूनियन ने महिला रग्बी पर करीब 195 करोड़ रुपए खर्च किए। दूसरी ओर, पिछले वर्ल्ड कप की फाइनलिस्ट कनाडा को टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए क्राउडफंडिंग का सहारा लेना पड़ा था। यही अंतर दिखाता है कि बेहतर सुविधाएं और निवेश किसी टीम की किस्मत बदल सकते हैं।

किसमें है दम

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इस टीम को रोक पाएगा कौन? अगली बड़ी चुनौती एक बार फिर न्यूजीलैंड के खिलाफ होगी। हालांकि, मेग जोन्स की सोच साफ है, अगर कभी हार मिली भी, तो उससे टीम की पहचान नहीं बदलेगी। उनके शब्दों में, 'अगली सुबह सूरज फिर निकलेगा और हम वही टीम रहेंगे।'

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