कॉमनवेल्थ गेम्स में जब-जब गूंजा राष्ट्रगान, भारत के ऐतिहासिक प्रदर्शन और चैंपियंस पर एक नजर
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 23 जुलाई से कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आगाज होने जा रहा है। ...और पढ़ें
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इतिहास रचने पर भारत की नजर

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 23 जुलाई से कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आगाज होने जा रहा है। खेलों के इस मेले में बैडमिंटन, हॉकी, रेसलिंग, क्रिकेट, निशानेबाजी जैसे कई बड़े खेलों को शामिल नहीं किया गया है। करीब 2 हफ्तों तक चलने वाले इस इवेंट में भारत के मेडल की संख्या कम हो सकती है, क्योंकि भारत इन खेलों में ज्यादा से ज्यादा मेडल अपने नाम करता था।
125 एथलीट्स हिस्सा ले रहे
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के 125 एथलीट्स हिस्सा ले रहें हैं। नीरज चोपड़ा, मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन जैसे स्टार एथलीट्स से सभी को पदक की उम्मीद है। मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन को ओपनिंग सेरेमनी के लिए भारत का फ्लैग बियरर और बैटन बियरर नियुक्त किया गया है। इस बीच आइए जानते हैं कि कॉमनवेल्थ गेम्स में अब तक भारत का प्रदर्शन कैसा रहा है? साथ ही भारत ने किन गेम्स में कितने मेडल जीते हैं?
1934 में डेब्यू किया
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत अब तक 564 मेडल जीत चुका है। इसमें 203 गोल्ड, 189 सिल्वर और 171 ब्रॉन्ज शामिल हैं। चार साल में एक बार आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने 4 संस्करण (1930, 1950, 1962 और 1986) को छोड़कर सभी में हिस्सा लिया।
भारतीय एथलीटों ने 1934 में डेब्यू किया। उस समय इसे ब्रिटिश एम्पायर गेम्स कहा जाता था। 1934 में लंदन में हुए गेम्स में 6 भारतीय एथलीट ने ट्रैक एंड फील्ड के 10 इवेंट्स और 1 कुश्ती स्पर्धा में भाग लिया। भारत ने अपने पहले राष्ट्रमंडल खेलों में 1 मेडल अपने नाम किया था। मेंस 74 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती इवेंट में राशिद अनवर ने ब्रांज मेडल पर कब्जा जमाया था। वह राष्ट्रमंडल खेलों में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय हैं।
मिल्खा सिंह ने जीता पहला गोल्ड
1947 में मिली आजादी के बाद भारत ने एथलेटिक्स में भाग लिया। मिल्खा सिंह राष्ट्रमंडल खेलों में पीला तमगा जीतने वाले पहले भारतीय बने। उन्होंने कार्डिफ 1958 में मेंस 440 यार्ड इवेंट में पहला स्थान हासिल किया। 1958 में भारत के खाते में एक और गोल्ड मेडल आया। हेवीवेट पहलवान लीला राम ने मेंस 100 किग्रा फ्रीस्टाइल श्रेणी में सोना जीता।
खबरें और भी
कॉमनवेल्थ गेम्स में निशानेबाजों ने भारत के लिए 135 बार पोडियम फिनिश करते हुए सर्वाधिक मेडल जीते हैं। हाल ही में दुनिया को अलविदा कहने वाले पिस्टल शूटर जसपाल राणा राष्ट्रमंडल खेलों में सबसे सफल भारतीय एथलीट हैं। उन्होंने 9 गोल्ड, 4 सिल्वर और 2 कांस्य पदक जीते। नई दिल्ली में हुए 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने 101 मेडल जीते थे। इनमें 39 गोल्ड, 26 रजत और 36 कांस्य शामिल हैं।
अब तक भारत का सफर
| संस्करण | स्वर्ण | रजत | कांस्य | कुल पदक | पोजिशन |
|---|---|---|---|---|---|
| लंदन 1934 | 0 | 0 | 1 | 1 | 12वां |
| सिडनी 1938 | 0 | 0 | 0 | 0 | - |
| वैंकूवर 1954 | 0 | 0 | 0 | 0 | - |
| कार्डिफ 1958 | 2 | 1 | 0 | 3 | आठवां |
| किंग्स्टन 1966 | 3 | 4 | 3 | 10 | छठा |
| एडिनबरा 1970 | 5 | 3 | 4 | 12 | छठा |
| क्राइस्टचर्च 1974 | 4 | 8 | 3 | 15 | छठा |
| एडमंटन 1978 | 5 | 4 | 6 | 15 | छठा |
| ब्रिस्बेन 1982 | 5 | 8 | 3 | 16 | छठा |
| ऑकलैंड 1990 | 13 | 8 | 11 | 32 | पांचवां |
| विक्टोरिया 1994 | 6 | 11 | 7 | 24 | छठा |
| क्वालालंपुर 1998 | 7 | 10 | 8 | 25 | सातवां |
| मैनचेस्टर 2002 | 30 | 22 | 17 | 69 | चौथा |
| मेलबोर्न 2006 | 22 | 17 | 11 | 50 | चौथा |
| नई दिल्ली 2010 | 38 | 27 | 36 | 101 | दूसरा |
| ग्लासगो 2014 | 15 | 30 | 19 | 64 | पांचवां |
| गोल्ड कोस्ट 2018 | 26 | 20 | 20 | 66 | तीसरा |
| बर्मिंघम 2022 | 22 | 16 | 23 | 61 | चौथा |
| कुल | 203 | 190 | 171 | 564 | - |
किस खेल में कितने पदक जीते
| खेल | स्वर्ण | रजत | कांस्य | कुल पदक |
|---|---|---|---|---|
| शूटिंग | 63 | 44 | 28 | 135 |
| रेसलिंग | 49 | 39 | 27 | 115 |
| वेटलिफ्टिंग | 46 | 51 | 36 | 133 |
| मुक्केबाज़ी | 11 | 13 | 20 | 44 |
| बैडमिंटन | 10 | 8 | 13 | 31 |
| टेबल टेनिस | 10 | 5 | 13 | 28 |
| एथलेटिक्स | 6 | 14 | 16 | 36 |
| तीरंदाजी | 3 | 1 | 4 | 8 |
| हॉकी | 1 | 4 | 1 | 6 |
| स्क्वैश | 1 | 2 | 2 | 5 |
| टेनिस | 1 | 1 | 2 | 4 |
| लॉन बाउल्स | 1 | 1 | 0 | 2 |
| पावरलिफ्टिंग | 1 | 0 | 1 | 2 |
| जूडो | 0 | 5 | 6 | 11 |
| जिम्नास्टिक्स | 0 | 1 | 2 | 3 |
| क्रिकेट | 0 | 1 | 0 | 1 |
| स्विमिंग | 0 | 0 | 1 | 1 |
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