Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    दुनिया का ‘दारा सिंह’, 41 साल का क्यूबा का पहलवान, Olympics में लगातार 5 गोल्ड मेडल जीतने वाला है पहला एथलीट

    Updated: Wed, 07 Aug 2024 09:09 PM (IST)

    क्‍यूबा के पहलवान मिजैन लोपेज नुनेज ने ओलंपिक्‍स में इतिहास रच दिया। लोपेज ने एक ही इवेंट में लगातार पांच गोल्‍ड मेडल जीते और ये कारनामा करने वाले दुन ...और पढ़ें

    क्‍यूबा के पहलवान मिजैन लोपेज नुनेज ने इतिहास रचा (Pic Credit- X)
    क्‍यूबा के पहलवान मिजैन लोपेज नुनेज ने इतिहास रचा (Pic Credit- X)

    HighLights

    1. मिजैन लोपेज नुनेज ने ओलंपिक्‍स में लगातार पांचवीं बार गोल्‍ड मेडल जीता
    2. मिजैन लोपेज नुनेज ने 130 किग्रा वर्ग ग्रीको-रोमन स्‍पर्धा में गोल्‍ड जीता
    3. मिजैन लोपेल नुनेज ने फाइनल के बाद संन्‍यास लेने का संकेत दिया

    स्‍पोर्ट्स डेस्‍क, नई दिल्‍ली। ओलंपिक्‍स को रेसलिंग दुनिया का 'दारा सिंह' मिल गया है। क्‍यूबा के 41 साल के पहलवान मिजैन लोपेज नुनेज ने लगातार पांचवां गोल्‍ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। क्‍यूबा के पहलवान ने पेरिस ओलंपिक्‍स 2024 में ग्रीको-रोमन स्‍पर्धा के 130 किग्रा वर्ग के फाइनल में चीली के यस्‍मानी अकोस्‍टा फर्नांडेज को 6-0 से मात देकर गोल्‍ड मेडल जीता।

    बड़ी बात यह है कि नुनेज पहले ओलंपिक एथलीट बने, जिन्‍होंने एक ही इवेंट में लगातार पांच गोल्‍ड मेडल जीते। वह पहले पहलवान हैं, जिन्‍होंने 130 किग्रा वर्ग ग्रीको-रोमन स्‍पर्धा में पांच गोल्‍ड मेडल जीते। नुनेज ने फाइनल जीतने के बाद संकेत देकर संन्‍यास की घोषणा की। उन्‍होंने मैट को चूमा और जूते उठाकर मैच के बीचों-बीच रखे।

    पता हो कि मिजैन लोपेज नुनेज के ओलंपिक गोल्‍ड जीतने का सिलसिला 2008 ओलंपिक से शुरू हुआ, जो 2024 पेरिस ओलंपिक्‍स तक जारी रहा। उन्‍होंने 2008 बीजिंग ओलंपिक, 2012 लंदन ओलंपिक, 2016 रियो ओलंपिक, 2020 टोक्‍यो ओलंपिक और 2024 पेरिस ओलंपिक में ग्रीको-रोमन स्‍पर्धा के 130 किग्रा वर्ग में गोल्‍ड मेडल जीता।

    यह भी पढ़ें: Paris Olympics 2024 में विनेश फोगाट की जगह फाइनल में उतरेंगी क्यूबा की पहलवान लोपेज

    लोपेज ने क्‍या कहा

    सबसे अच्‍छी बात है आनंद। इस नतीजे की मुझे भूख थी, लेकिन यह नतीजा पूरी दुनिया और मेरा देश देखना चाहता था। ओलंपिक के एलीट क्‍लब में पहुंचकर बहुत खुश हूं। सभी की मदद से कड़ी मेहनत की और इसका फल मिला। मेरे परिवार ने हमेशा साथ दिया। यह मेरी सबसे बड़ी जीत है।

    मुझे सभी युवाओं से काफी प्रेरणा मिली और मेरा मार्गदर्शन भी हुआ। मेरे पास अब दुनिया को देने के लिए बहुत कुछ है। मुझे युवाओं को दांव-पेंच सिखाने में खुशी मिलेगी। यहां पहुंचने के लिए आपको सबसे पहले अपने खेल से प्‍यार होना जरूरी है। आप जो करें, उससे मोहब्‍बत करें और दुनिया को दिखाएं कि आपमें खिताब जीतने की क्षमता है।

    यह भी पढ़ें: अपनी खूबसूरती को कोस रही होंगी पैराग्वे की खिलाड़ी! पेरिस ओलंपिक में घटी दुर्भाग्यपूर्ण घटना; तस्वीरें मचा रहीं बवाल

    खबरें और भी