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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Paris Olympics 2024 में दो मेडल जीतने के बाद मनु भाकर ने सेट किया टारगेट, अगले ओलंपिक का मास्टर प्लान तैयार

    Updated: Wed, 07 Aug 2024 11:32 PM (GMT+05:30)

    भारत की युवा निशानेबाज मनु भाकर पेरिस ओलंपिक-2024 में दो मेडल जीतकर वापस भारत आ गई हैं। मनु का एयरपोर्ट पर जोरदार स्वागत किया गया। मनु आराम करने के मू ...और पढ़ें

    मनु भाकर पेरिस ओलंपिक में मेडल जीत लौटीं भारत
    मनु भाकर पेरिस ओलंपिक में मेडल जीत लौटीं भारत

    HighLights

    1. मनु भाकर पेरिस ओलंपिक में धमाल मचा लौटीं घर
    2. मनु ने दो मेडल जीत रचा इतिहास
    3. मनु ने सेट किया अगला टारगेट

     पीटीआई, नई दिल्ली: पेरिस में इतिहास रचने वाली भारतीय निशानेबाज मनु भाकर ने शुक्रवार को वतन वापसी करते ही 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस ओलंपिक में अपने अभियान की शुरुआत कर दी है। पेरिस ओलंपिक में भारतीय दल ने देश के नाम तीन पदक किए जिसमें अकेले मनु भाकर ने अपने कौशल के दम पर दो कांस्य पदक जीते।

    एक ओलंपिक में लगातार दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट मनु भाकर ने वतन वापसी करते हुए बताया, "पेरिस ओलंपिक के बाद अब मेरे दिमाग में 2028 में होने वाला ओलंपिक है और इसकी यात्रा शुरू हो चुकी है, थोड़े ब्रेक के बाद मैं इसकी तैयारी में लग जाऊंगी।"

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    हुआ जमकर स्वागत

    22 साल की मनु भाकर ने एक ही ओलंपिक में 10 मीटर पिस्टल निशानेबाजी महिला और 10 मीटर पिस्टल निशानेबाजी की मिक्स्ड स्पर्धा में भारत के लिए दो कांस्य जीते थे। मनु ऐसा कारनामा करने वाली स्वतंत्र भारत की पहली खिलाड़ी बन चुकी हैं। मनु भाकर शुक्रवार को ओलपिक में अपने अभियान के बाद भारत लौटीं। इस चैंपियन के स्वागत के लिए माता-पिता रामकिशन और सुमेधा सहित उनके सैकड़ों प्रसंशकों ने उन्हें कंधों पर उठाकर फूलों से नई दिल्ली हवाई अड्डे पर स्वागत किया।

    और मनु आने वाली हैं

    मनु के साथ उनके कोच जसपाल राणा भी शामिल थे। मनु भाकर के कोच जसपाल राणा ने कहा कि भविष्य में ऐसे और कई मनु आने वाली हैं। तो वहीं राणा के पिता और उत्तराखंड के पूर्व खेल मंत्री नारायण सिंह राणा भी उनके स्वागत के लिए मौजूद थे और उन्होंने कहा कि भारत के लिए गर्व की बात है उसकी बेटी ओलंपिक में दो पदक जीतकर इतिहास रचकर आ रही है। जसपाल राणा मेरे बेटे हैं और उन्होंने अभिनव बिंद्रा के साथ निशानेबाजी में भारत के लिए खेलकर गौरव बढ़ाया है।

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