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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Paris Paralympics 2024: मनु भाकर से 'सबक' लेकर रुद्रांश रचेंगे इतिहास, पैरालंपिक डेब्यू में लगाएंगे गोल्ड पर निशाना!

    Updated: Tue, 27 Aug 2024 07:39 AM (IST)

    ओलंपिक के बाद फ्रांस की राजधानी पेरिस में पैरालंपिक खेलों की आयोजन होना है। इन खेलों में भारतीय निशानेबाजों पर नजरें रहेंगी जिन्होंने टोक्यो में पांच ...और पढ़ें

    रुद्रांश की नजरें पेरिस पैरालंपिक में गोल्ड मेडल पर
    रुद्रांश की नजरें पेरिस पैरालंपिक में गोल्ड मेडल पर

    HighLights

    1. पेरिस पैरालंपिक में डेब्यू कर रहे हैं रुद्रांश
    2. मनु भाकर की गलती से रुद्रांश ने लिया सबक
    3. आठ साल की उम्र में खो दिया था बांया पैर

     पीटीआई, नई दिल्ली: पैरा निशानेबाज रुद्रांश खंडेलवाल पेरिस पैरालंपिक में पदार्पण के दौरान स्वर्ण पदक जीतने का लक्ष्य बनाए हैं और उनके जीवन का मंत्र है - किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार रहना और अपनी क्षमता पर भरोसा बनाए रखना।

    रुद्रांश जब केवल आठ वर्ष के थे तब एक दुर्घटना में अपना बायां पैर गंवा बैठे थे। भरतपुर के इस किशोर ने विकलांगता को कभी अपने आड़े नहीं आने दिया और निशानेबाजी में शानदार प्रदर्शन करते हुए 50 मीटर पिस्टल (एसएच1) में नंबर एक स्थान पर पहुंच गए। अब उनका लक्ष्य अपने पहले पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है।

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    मनु से ली प्रेरणा

    अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए वह कोई भी कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं जिसमें एक अतिरिक्त पिस्टल के साथ अपने कृत्रिम पैर के लिए एक 'टूल-किट' भी शामिल है ताकि अगर यह टूट जाए तो इससे मदद मिल सके। टोक्यो पैरालंपिक के दौरान निशानेबाज मनु भाकर को पिस्टल की खराबी से जूझते देखना रुद्रांश के लिए 'सबक' था जिससे वह अब घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों प्रतियोगिताओं के लिए हमेशा एक अतिरिक्त पिस्टल साथ रखते हैं।

    उन्होंने कहा, "प्रतियोगिता के दौरान पिस्टल की खराबी के बाद आप कितनी जल्दी दूसरी अतिरिक्त पिस्टल का इस्तेमाल करके निशाना लगा सको। मैं प्रतियोगिता में हर स्थिति के लिए खुद को तैयार रखता हूं।"

    दोहरा पाएंगे टोक्यो की सफलता

    भारतीय निशानेबाजों ने टोक्यो पैरालंपिक-2020 में दमदार खेल दिखाया था। इन खेलों में भारत ने निशानेबाजी में कुल पांच मेडल अपने नाम किए थे जिसमें से दो गोल्ड, दो सिल्वर और दो ब्रॉन्ज मेडल थे। इस बार भी भारतीय निशानेबाजों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी।

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