Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    CWG 2026: पिता से आगे निकल गया बेटा, ग्लास्गो में बदला मेडल का रंग; 16 साल बाद मना ऐतिहासिक जश्न

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 09:46 AM (IST)

    वालुरी अजया बाबू ने ग्लास्गो में CWG 2026 में 79 किलोग्राम भारवर्ग में सिल्वर मेडल जीता, अपने पिता के 2010 के कांस्य पदक की उपलब्धि को पार किया। ...और पढ़ें

    HighLights

    1. अजाया बाबू ने CWG 2026 में सिल्वर मेडल जीता

    2. पिता के 2010 के कांस्य पदक से आगे निकले

    3. भारत का छठा सिल्वर, गांव कोंडावालेगाडा का नाम रोशन

    स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। बेटा जब अपने पिता से आगे निकल जाए तो पिता की खुशी का ठिकाना नहीं होता। यही हाल इस समय वालुरी श्रीनिवासा का है क्योंकि उनका बेटा उनसे आगे निकल गया है। ग्लास्गो में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में वालुरी अजाया बाबू ने 79 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल अपने नाम किया है।

    21 साल के अजाया बाबू ने कुल 330 किलोग्राम वजन उठाते हुए ये पदक अपने नाम किया। उन्होंने स्नैच में 149 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 181 किलोग्राम का वजन उठाते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। वह मलेशिया के एली हिदायत से सिर्फ एक किलोग्राम से गोल्ड मेडल से चूक गए। इंग्लैंड के क्रिस मरे ने 325 किलोग्राम के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।

    पिता ने जीता था ब्रॉन्ज

    उनके पिता श्रीनिवासा ने साल 2010 में भारत में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में 56 किलोग्राम भारवर्ग में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था। 16 साल बाद उनके बेटे ने एक कदम आगे बढ़ते हुए मेडल का रंग बदल चांदी कर दिया। ये भारत का इन खेलों में छठा सिल्वर मेडल है, लेकिन अजाया के लिए ये काफी मायने रखता है। वह आंध्र प्रदेश के विजिनाग्राम नाम जिले के कोंडावालेगाडा नाम के गांव से आते हैं। इस गांव को वेटलिफ्टिंग के लिए जाना जाता है।

    इस गांव ने देश को कई सारे वेटलिफ्टर दिए हैं जो नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर जमकर नाम कमा रहे हैं। अब अजाया ने अपने गांव का नाम और मशहूर कर दिया है।

    इन लोगों ने जीता मेडल

    गलास्गो में भारतीय वेटलिफ्टरों ने अभी तक कमाल का प्रदर्शन किया है। मीराबाई चानू ने उम्मीद के मुताबिक गोल्ड जीता। उनके अलावा चार ने भारत को सिल्वर मेडल दिलाएं हैं तो वहीं एक ने ब्रॉन्ज मेडल जीता है।

    खबरें और भी

    इन वेटलिफ्टरों ने जीते मेडल

    मीराबाई चानू — गोल्ड (महिलाओं का 48kg)
    वल्लुरी अजय बाबू — सिल्वर (पुरुषों का 79kg)
    ज्ञानेश्वरी यादव — सिल्वर (महिलाओं का 53kg)
    चानंबम ऋषिकंत सिंह — सिल्वर (पुरुषों का 60kg)
    मुथुपंडी राजा — सिल्वर (पुरुषों का 65kg)
    बिंदियारानी देवी — ब्रॉन्ज (महिलाओं का 58kg)

    यह भी पढ़ें- CWG 2026: शर्मिला धनकड़ ने खत्म किया 20 साल का सूखा, गोल्ड जीत रचा इतिहास; शिल्पा के खाते में भी आया कांसा

    यह भी पढ़ें- CWG 2026: मुक्केबाज सुमित कुंडू को लगा बड़ा झटका, आयरलैंड के जॉन मैकानेल से हारकर पदक की दौड़ से बाहर