धरती पर जन्नत का एहसास कराएंगी नॉर्थईस्ट की 6 जगहें, जाने के बाद घर लौटने का नहीं करेगा मन
अगर आप शहर की भीड़-भाड़ और शोर-शराबे से दूर कुछ पल शांति से बिताना चाहते हैं, तो एक बार नॉर्थईस्ट जरूर जाना चाहिए।
1/6तवांग, अरुणाचल प्रदेश
तवांग अपनी बर्फीली वादियों, शांत झीलों और प्राचीन बौद्ध मठों के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। यहां पहुंचकर आपको ऐसा लगेगा जैसे आप बादलों के बीच चल रहे हों। तवांग की शांति और वहां की ठंडी हवा आपके मन को एक अजीब-सा सुकून देगी। यहां का तवांग मठ भारत का सबसे बड़ा बौद्ध मठ है, जिसे देखे बिना आपकी यात्रा अधूरी है।
2/6डौकी, मेघालय
क्या आपने कभी ऐसी नदी देखी है जिसका पानी इतना साफ हो कि उसके नीचे पड़े पत्थर भी साफ दिखाई दें और नाव हवा में तैरती हुई लगे? बता दें, मेघालय की उमंगोट नदी, बिल्कुल ऐसी ही है, जिसे डौकी के नाम से भी जाना जाता है। इस नदी में बोटिंग करने का एक्सपीरिएंस ऐसा है जिसे आप जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे।
3/6दजुकू वैली, नागालैंड
अगर आपको ट्रैकिंग का शौक है, तो दजुकू वैली आपके लिए परफेक्ट जगह है। इस घाटी को 'पूर्वोत्तर भारत की फूलों की घाटी' भी कहा जाता है। यहां के मखमली हरे पहाड़ और उन पर खिले हुए रंग-बिरंगे फूल देखकर ऐसा लगता है जैसे किसी ने धरती पर हरी चादर बिछा दी हो।
4/6माजुली, असम
ब्रह्मपुत्र नदी के बीचों-बीच बसा माजुली दुनिया का सबसे बड़ा नदी द्वीप है। यह जगह अपनी अनोखी संस्कृति, बांस से बने घरों और हरियाली के लिए जानी जाती है। अगर आप गांव की सादगी और प्रकृति को करीब से महसूस करना चाहते हैं, तो माजुली से बेहतर कोई जगह नहीं हो सकती।
5/6जीरो वैली, अरुणाचल प्रदेश
जीरो वैली चारों तरफ से देवदार के ऊंचे पेड़ों और धान के खेतों से घिरी हुई एक बेहद खूबसूरत घाटी है। यहां का मौसम हमेशा सुहावना रहता है। यह जगह अपातानी जनजाति का घर है, जिनकी संस्कृति और रहन-सहन देखना अपने आप में एक अनोखा अनुभव है। फोटोग्राफी लवर्स के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है।
6/6लोकटक झील, मणिपुर
मणिपुर की लोकटक झील पूरी दुनिया में अपनी तरह की इकलौती झील है, जहां छोटे-छोटे फुमदी पानी पर तैरते रहते हैं। इसी झील के ऊपर 'केइबुल लामजाओ' नाम का दुनिया का इकलौता तैरता हुआ नेशनल पार्क भी है। इस झील के किनारे बैठकर ठंडी हवा का आनंद लेना आपके सारे स्ट्रेस को दूर कर देगा।