भारत के अलावा दुनिया में कहीं और देखने को नहीं मिलेंगे ये 8 खूबसूरत पक्षी
भारत सिर्फ अपनी संस्कृति और इतिहास के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी अद्भुत प्रकृति के लिए भी पूरी दुनिया में मशहूर है।
1/8नारकोंडम हॉर्नबिल
यह शानदार पक्षी भारत के सबसे दुर्लभ पक्षियों में से एक है। यह केवल अंडमान सागर में स्थित एक बहुत ही छोटे से ज्वालामुखी द्वीप 'नारकोंडम' पर पाया जाता है। इसकी चोंच का आकार और इसके शरीर के रंग इसे इतना आकर्षक बनाते हैं कि इसे देखने वाला बस देखता ही रह जाए।
2/8मालाबार व्हिस्लिंग थ्रश
दक्षिण भारत के पश्चिमी घाट में पाया जाने वाला यह पक्षी गहरे नीले और काले रंग का होता है, जो धूप पड़ने पर चमकता है। सुबह-सुबह इसकी सुरीली सीटी जैसी आवाज जंगलों में एक अलग ही जादू बिखेर देती है।
3/8नीलगिरि फ्लाईकैचर
अगर आप दक्षिण भारत की नीलगिरि की पहाड़ियों में घूमने जाएं, तो आपको यह खूबसूरत नीले रंग का छोटा सा पक्षी देखने को मिल सकता है। इसका पूरा शरीर एक बहुत ही चमकीले नीले रंग का होता है और यह ज्यादातर ऊंचाई वाले जंगलों में ही रहना पसंद करता है।
4/8बुगुन लिओसिचला
जैतून जैसे हरे रंग, काले सिर और पंखों पर लाल-पीले निशानों वाला यह पक्षी इतना सुंदर है कि यह किसी पेंटिंग जैसा लगता है। यह पूरी दुनिया में सिर्फ अरुणाचल प्रदेश के ईगलनेस्ट वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी के पास ही मिलता है।
5/8क्रिम्सन-बैक्ड सनबर्ड
यह एक बहुत ही नन्हीं-सी चिड़िया है जो फूलों का रस पीकर जिंदा रहती है। नर सनबर्ड की पीठ पर एक बेहद खूबसूरत गहरा लाल रंग होता है, जो सूरज की रोशनी में किसी कीमती पत्थर की तरह चमकता है। यह भी सिर्फ भारत के पश्चिमी घाट के इलाकों में ही पाई जाती है।
6/8व्हाइट-बेलीड ट्रीपी
यह दक्षिण भारत के घने जंगलों की शान है। इसका सफेद पेट, काला सिर और एक लंबी सी पूंछ इसे बहुत ही अनोखा रूप देती है। यह पक्षी बहुत एक्टिव होता है और पेड़ों की डालियों पर कूदते हुए इसे देखना पर्यटकों को बहुत रोमांचित करता है।
7/8जर्डन कर्सर
यह आंध्र प्रदेश का एक बेहद दुर्लभ पक्षी है। एक समय पर वैज्ञानिकों ने मान लिया था कि यह पक्षी दुनिया से खत्म हो चुका है, लेकिन दशकों बाद इसे फिर से खोज निकाला गया। इसकी दो भूरे रंग की पट्टियां और लंबी टांगें इसे खास बनाती हैं। यह ज्यादातर रात के अंधेरे में ही बाहर निकलता है।
8/8मालाबार बारबेट
हरे शरीर और लाल रंग के चेहरे वाला यह छोटा और गोल-मटोल पक्षी भी भारत के पश्चिमी घाट की ही देन है। इनकी आवाज बहुत तेज होती है और ये अक्सर पेड़ों पर फल खाते हुए देखे जा सकते हैं। इनके चमकीले रंग इन्हें हरे-भरे जंगलों में भी आसानी से पहचानने में मदद करते हैं।