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    ममता की सीट से सुवेंदु को टिकट, दिग्गज नेताओं पर भाजपा ने जताया भरोसा; किसे कहां से मिला टिकट?

    Updated: Mon, 16 Mar 2026 11:48 PM (GMT+05:30)

    भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अपनी पहली सूची जारी की है, जिसमें सुवेंदु अधिकारी को नंदीग्राम और ममता बनर्जी के गढ़ भवानीपुर से उम्मीदवार ...और पढ़ें

    एक बार फिर 'ममता बनाम सुवेंदु' की सीधी जंग की जमीन तैयार

    एक बार फिर 'ममता बनाम सुवेंदु' की सीधी जंग की जमीन तैयार 

    HighLights

    1. सुवेंदु अधिकारी नंदीग्राम और भवानीपुर से उम्मीदवार घोषित।

    2. भाजपा ने ममता के गढ़ भवानीपुर में सीधी चुनौती दी।

    3. दिलीप घोष, स्वपन दासगुप्ता समेत कई दिग्गजों को टिकट।

    जयकृष्ण वाजपेयी, कोलकाता। बंगाल की राजनीति में एक बार फिर ममता बनर्जी बनाम सुवेंदु अधिकारी का मुकाबला तय है। भाजपा ने राज्य की 144 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव की घोषणा के महज 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि सोमवार को अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है।

    इस सूची में सबसे चौंकाने वाला और बड़ा नाम राज्य के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी का है। भाजपा ने आक्रामक तरीके से उन पर बड़ा दांव खेलते हुए उन्हें एक साथ दो हाई-प्रोफाइल सीटों—नंदीग्राम और कोलकाता के भवानीपुर—से मैदान में उतारा है। भवानीपुर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पारंपरिक गढ़ ही नहीं बल्कि इसी क्षेत्र में उनका निवास स्थान भी है।

    ऐसे में सुवेंदु की वहां से उम्मीदवारी ने एक बार फिर 'ममता बनाम सुवेंदु' की सीधी जंग की जमीन तैयार कर दी है। इसी के साथ भाजपा ने एक बार फिर ममता को उन्हीं के गृह क्षेत्र में घेरने की रणनीति अपनाई है। 2021 में ममता ने नंदीग्राम में सुवेंदु को घेरने की रणनीति बनाई थी, लेकिन हार गई थीं।

    सूची में कई पुराने व चर्चित चेहरे

    भाजपा की जारी सूची में कई पुराने और चर्चित चेहरों को दोबारा मौका दिया गया है। पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष को एक बार फिर खड़गपुर सदर से मैदान में उतारा गया है। वहीं, पूर्व राज्यसभा सांसद स्वपन दासगुप्ता को दक्षिण कोलकाता के अहम रासबिहारी विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया गया है।

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    हावड़ा जिले में भी भाजपा ने कुछ चर्चित नामों पर भरोसा जताया है। हावड़ा की शिवपुर सीट से अभिनेता-राजनेता रुद्रनील घोष को उम्मीदवार बनाया गया है, जबकि बराहनगर से सजल घोष और हावड़ा उत्तर से उमेश राय को टिकट दिया गया है। इस बार भी पार्टी ने अपने अधिकांश मौजूदा विधायकों पर भरोसा कायम रखा है और पहली सूची में कई परिचित चेहरों को शामिल किया गया है।

    सामाजिक समीकरणों का समावेश

    पार्टी ने अपनी पहली सूची में भौगोलिक और सामाजिक संतुलन साधने की पूरी कोशिश की है। उत्तर बंगाल के चाय बागान क्षेत्रों से लेकर दक्षिण बंगाल के जंगलमहल तक, पार्टी ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटों पर मजबूत पकड़ बनाने की रणनीति अपनाई है। प्रथम सूची में 32 एससी और 13 एसटी प्रत्याशी हैं। वहीं 11 महिलाओं उम्मीदवारों को भी टिकट दिया गया है, जिनमें से कई मौजूदा विधायक हैं।

    बालुरघाट से नया चेहरा

    हालांकि, कुछ सीटों पर बदलाव भी देखने को मिला है। बालुरघाट सीट से मौजूदा विधायक व अर्थशास्त्री अशोक लाहिड़ी को टिकट नहीं दिया गया है और उनकी जगह विद्युत राय को उम्मीदवार बनाया गया है। इसी तरह गोघाट के वर्तमान विधायक विश्वनाथ कारक और आरामबाग के विधायक मधुसूदन बाग को भी टिकट नहीं मिला। इन दोनों सीटों से क्रमशः प्रशांत दिगर और हेमंत बाग को उम्मीदवार बनाया गया है।

    कई मौजूदा विधायकों को टिकट

    मौजूदा विधायकों में आसनसोल दक्षिण से अग्निमित्रा पाल को फिर से टिकट मिला है, जबकि बांकुड़ा जिले की शालतोड़ा सीट से चंदना बाउरी को भी दोबारा उम्मीदवार बनाया गया है। जलपाईगुड़ी के डाबग्राम-फुलबाड़ी से शिखा चट्टोपाध्याय और कूचबिहार के तुफानगंज से मालती रावा राय को भी पार्टी ने फिर मौका दिया है।

    इसके अलावा कूचबिहार उत्तर से सुकुमार राय, कुमारग्राम से मनोज ओरांव, कालचीनी से विशाल लामा, फालाकाटा से दीपक बर्मन और नागराकाटा से पुना भेंगरा को भी उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी से आनंदमय बर्मन, फांसीदेवा से दुर्गा मुर्मू, तपन से बुधराय टुडू, गंगारामपुर से सत्येंद्रनाथ राय, हबीबपुर से जुएल मुर्मू, गाजोल से चिन्मय देवबर्मन और दुर्गापुर पश्चिम से लक्ष्मण घोरुई को भी टिकट दिया गया है।

    दक्षिण दिनाजपुर जिले की कुमारगंज सीट से भाजपा के प्रदेश ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष शुभेंदु सरकार को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं उत्तर दिनाजपुर के कालियागंज में उम्मीदवार बदला गया है और मौजूदा विधायक सौमेन राय की जगह उत्पल महाराज को टिकट दिया गया है। बीरभूम के सिउड़ी से भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ चट्टोपाध्याय को दूसरी बार उम्मीदवार बनाया गया है।

    मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद में दोनों विधायकों पर फिर भरोसा

    मुर्शिदाबाद जिले में भाजपा ने पिछली बार जीती दोनों सीटों पर अपने विधायकों पर भी भरोसा बरकरार रखा है। बहरमपुर से सुब्रत मैत्रा और मुर्शिदाबाद से गौरीशंकर घोष को फिर मैदान में उतारा गया है। बेलडांगा से अधीर चौधरी के पूर्व करीबी माने जाने वाले और बेलडांगा नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन भरत झावर को टिकट दिया गया है। नदिया जिले के रानाघाट की दोनों सीटों से विधायक पार्थसारथी चट्टोपाध्याय और असीम विश्वास को फिर मौका मिला है।

    वहीं डायमंड हार्बर से पूर्व विधायक दीपक कुमार हलदार को भी भाजपा ने उम्मीदवार बनाया है। हुगली जिले के पुरशुड़ा और खानाकुल से क्रमशः विधायक बिमान घोष और सुषांत घोष फिर अपनी ही सीटों से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। पूर्व बर्धमान जिले के जमालपुर से राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष अरुण हलदार को उम्मीदवार बनाया गया है।

    वाममोर्चा ने 192 उम्मीदवारों की सूची जारी की

    बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर वाममोर्चा ने भी अपनी चुनावी तैयारियों को तेज करते हुए 192 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। वाम दलों ने इस सूची के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों और सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि राज्य में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच चल रही तीखी राजनीतिक लड़ाई के बीच वाममोर्चा जनता के सामने एक वैकल्पिक राजनीतिक विकल्प के रूप में सामने आना चाहता है।

    वाममोर्चा के नेताओं के मुताबिक, उम्मीदवारों के चयन में संगठन की जमीनी ताकत, क्षेत्रीय संतुलन और सामाजिक प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता दी गई है। पार्टी का दावा है कि उनकी सूची में कई युवा चेहरे और लंबे समय से संगठन में सक्रिय कार्यकर्ताओं को मौका दिया गया है। वाममोर्चा का मानना है कि राज्य की जनता बदलाव चाहती है और आगामी विधानसभा चुनाव में उनका गठबंधन एक मजबूत विकल्प बनकर उभरेगा।

    तृणमूल कांग्रेस की आज आ सकती है सूची

    भाजपा और वाममोर्चा के बाद अब मंगलवार को संभवतः मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी अपने पार्टी प्रत्याशियों की सूची जारी कर सकती हैं। खबर है कि वह एक साथ 291 सीटो की सूची जारी करेंगी। अपुष्ट खबरों के मुताबिक उत्तर बंगाल की तीन सीटें संभवतः सहयोगी के लिए छोड़ सकती हैं।