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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Priyanka Gandhi: मैं बिल्कुल भी नर्वस नहीं हूं...' रायबरेली के लिए 20 साल तक किया काम, कैसा रहा प्रियंका गांधी का अब तक का सफर

    Updated: Mon, 17 Jun 2024 09:58 PM (IST)

    कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा केरल के वायनाड निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा चुनाव में डेब्यू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। राहुल गांधी द्वारा गांध ...और पढ़ें

    रायबरेली के लिए 20 साल तक किया काम (Image: ANI)
    रायबरेली के लिए 20 साल तक किया काम (Image: ANI)

    HighLights

    1. राहुल गांधी अपनी वायनाड सीट बहन प्रियंका गांधी को सौंपी
    2. प्रियंका गांधी वायनाड सीट से चुनाव लड़ेंगी

    पीटीआई, नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपनी वायनाड सीट बहन प्रियंका गांधी को सौंप दी है। जी हां, प्रियंका गांधी वायनाड सीट से चुनाव लड़ेंगी। ये पहला मौका होगा जब प्रियंका गांधी चुनावी मैदान में उतरेंगी जिससे कांग्रेस को शायद फायदा पहुंच सकता है। बता दें कि संसदीय सीट वायनाड से उनके बड़े भाई राहुल गांधी ने लगातार दो बार जीत हासिल की है।

    लोकसभा चुनाव के दौरान ये कयास लगाए जा रहे थे कि वो रायबरेली सीट से अपनी मां सोनिया गांधी की जगह चुनाव लड़ सकती हैं, लेकिन पार्टी ने इस सीट से राहुल गांधी को टिकट दिया। सोमवार को अपनी उम्मीदवारी की घोषणा के बाद प्रियंका ने इसकी खुशी जताई। 

    'मैं बिल्कुल भी नर्वस नहीं हूं...'

    प्रियंका गांधी ने कहा, 'मैं बिल्कुल भी नर्वस नहीं हूं... मैं वायनाड का प्रतिनिधित्व करने में सक्षम होने के लिए बहुत खुश हूं। मैं बस इतना कहूंगी कि मैं उन्हें राहुल की अनुपस्थिति महसूस नहीं होने दूंगी। मेरा रायबरेली से अच्छा रिश्ता है क्योंकि मैंने वहां 20 साल तक काम किया है और यह रिश्ता कभी नहीं टूटेगा।'

    प्रियंका ने व्यवसायी रॉबर्ट वाड्रा से शादी की है, जिन्होंने लोकसभा चुनावों से पहले अमेठी से चुनाव लड़ने की अपनी इच्छा बार-बार व्यक्त की थी। यह सीट अंततः परिवार के वफादार किशोरी लाल शर्मा को दी गई, जिन्होंने भाजपा नेता स्मृति ईरानी को हराया। 

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    कैसा रहा प्रियंका का सियासी सफर?

    प्रियंका की शादी व्यवसायी रॉबर्ट वाड्रा से हुई है, जिन्होंने लोकसभा चुनाव से पहले अमेठी से चुनाव लड़ने की इच्छा बार-बार जताई थी। यह सीट अंततः परिवार के वफादार किशोरी लाल शर्मा को दे दी गई, जिन्होंने भाजपा नेता स्मृति ईरानी को हराया। 2024 के चुनाव के लिए प्रियंका ने 108 जनसभाओं और रोड शो में हिस्सा लिया। उन्होंने 16 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में प्रचार किया और अमेठी और रायबरेली में कार्यकर्ताओं के दो सम्मेलनों को भी संबोधित किया।

    देश भर में उनके चुनावी भाषणों में जवाबदेही एक निरंतर मुद्दा रहा। प्रियंका गांधी ने लोगों से यह अपील भी की कि वे धर्म और जाति के आधार पर भावनात्मक मुद्दों पर वोट न दें और अपने दैनिक जीवन को बेहतर बनाने के लिए रोजी-रोटी के मुद्दों पर वोट करें। 2019 से पहले प्रियंका अपनी मां और भाई के लिए चुनाव अभियान का प्रबंधन करती नजर आईं है।

    यह रिश्ता कभी नहीं टूटेगा

    अगर प्रियंका लोकसभा उपचुनाव जीत जाती हैं तो यह पहली बार होगा कि गांधी परिवार के तीन सदस्य संसद में होंगे। उनकी मां सोनिया गांधी राजस्थान से राज्यसभा सदस्य हैं। लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के आश्चर्यजनक रूप से अच्छे प्रदर्शन के साथ, प्रियंका गांधी वाड्रा ने पार्टी की ताकतवर हस्ती के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।

    लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 543 में से 233 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस 99 सीटों के साथ सबसे बड़ी घटक बनकर उभरी। चुनाव प्रचार में कांग्रेस ने जोरदार वापसी की और प्रियंका ने मोदी और अन्य भाजपा नेताओं के लगातार हमलों का जवाब देने में अहम भूमिका निभाई।

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