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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'राम मंदिर का ताला खोलना गलती, BJP के पहले PM थे नरसिम्हा राव'; ये क्या बोल गए कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर

    By AgencyEdited By: Mahen Khanna
    Updated: Thu, 24 Aug 2023 10:34 AM (IST)

    Mani Shankar Aiyar on Narasimha Rao मणिशंकर अय्यर ने पूर्व पीएम पीवी नरसिम्हा राव की आलोचना करते हुए उन्हें पहला बीजेपी पीएम बताया है। उन्होंने कहा कि ...और पढ़ें

    Mani Shankar Aiyar on Narasimha Rao मणिशंकर अय्यर का विवादित बयान।
    Mani Shankar Aiyar on Narasimha Rao मणिशंकर अय्यर का विवादित बयान।

    HighLights

    1. मणिशंकर अय्यर ने पूर्व पीएम और कांग्रेस नेता नरसिम्हा राव की आलोचना की।
    2. राम मंदिर मामले से निपटने में राजीव गांधी को गलत बताया।

    नई दिल्ली, एजेंसी। कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर की नई किताब लॉन्च होने के बाद से उनकी कई बातें चर्चा का विषय बन गई हैं। इस बीच किताब की लॉन्चिंग के बाद अय्यर ने एक वरिष्ठ पत्रकार को दिए साक्षात्कार में कांग्रेस को ही कठघरे में खड़ा कर दिया है।  

    नरसिम्हा राव 'सांप्रदायिक' थे

    अय्यर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री पी वी नरसिम्हा राव 'सांप्रदायिक' थे और उन्हें देश का ''पहला भाजपा प्रधानमंत्री'' बताया। अय्यर ने राव के साथ उस समय हुई बातचीत का जिक्र किया जब वो 'राम-रहीम' यात्रा निकाल रहे थे। अय्यर ने कहा,

    नरसिम्हा राव ने मुझसे कहा कि उन्हें मेरी यात्रा पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन वह धर्मनिरपेक्षता की मेरी परिभाषा से असहमत थे। मैंने बताया कि धर्मनिरपेक्षता की मेरी परिभाषा में क्या गलत है। उन्होंने कहा कि मणि तुम यह नहीं समझते कि यह एक हिंदू देश है। मैं अपनी कुर्सी पर बैठ गया और कहा कि भाजपा बिल्कुल यही कहती है, इसलिए भाजपा के पहले प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी नहीं थे, 'भाजपा के पहले प्रधानमंत्री' राव थे।

    किताब में राजीव गांधी से पाकिस्तान तक बात

    पुस्तक के औपचारिक विमोचन के अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार वीर सांघवी के साथ स्वतंत्र बातचीत में अय्यर ने कई मुद्दों पर बात की। बता दें कि अपनी किताब में अय्यर ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ अपने संबंधों से लेकर दिसंबर 1978 से जनवरी 1982 तक कराची में महावाणिज्य दूत के रूप में उनके कार्यकाल का जिक्र किया है।

    सोनिया के सामने अय्यर बोले- राजीव गांधी ने की बड़ी गलती

    सवाल-जवाब सत्र के दौरान जब अय्यर से राम मंदिर मसले से निपटने में राजीव गांधी की आलोचना के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा मुझे लगता है कि शिलान्यास गलत था। मुझे लगता है कि राजीव गांधी ने जो सबसे बड़ी गलती की, वह भयानक थी। इस दौरान दर्शकों के बीच कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख और राजीव गांधी की पत्नी सोनिया गांधी भी मौजूद थीं।

    सोनिया गांधी के कारण पार्टी में बचा रहा

    अय्यर ने राजीव गांधी की मृत्यु के बाद राजनीति में कदम रखने के लिए समर्थन का स्तंभ होने के लिए सोनिया गांधी की भी सराहना की। उन्होंने कहा,

    राजीव के जाने के बाद कई लोगों ने सोचा कि चलो इस आदमी को खत्म कर दें। मैं केवल सोनिया गांधी की वजह से पार्टी में बचा रहा। मुझे सोनिया गांधी ने कैबिनेट मंत्री बनाया था।

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