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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 30, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'बीजेपी के उद्देश्यों'...कांग्रेस के एकमात्र विधायक के TMC में शामिल होने के बाद जयराम रमेश का बयान

    By AgencyEdited By: Nidhi Avinash
    Updated: Tue, 30 May 2023 03:07 PM (IST)

    विधायक बायरन बिस्वास के टीएमसी में शामिल होने के एक दिन बाद कांग्रेस ने टीएमसी पर तीखा हमला किया।कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि यह सागरदिघी विध ...और पढ़ें

    'बीजेपी के उद्देश्यों'...कांग्रेस के एकमात्र विधायक के TMC में शामिल होने के बाद जयराम रमेश का बयान
    'बीजेपी के उद्देश्यों'...कांग्रेस के एकमात्र विधायक के TMC में शामिल होने के बाद जयराम रमेश का बयान

    नई दिल्ली, एजेंसी। पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के विधायक टीएमसी में शामिल हो गए है। इसी को देखते हुए कांग्रेस ने आज ममता बनर्जी की अगुआई वाली पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ऐसी हरकत विपक्षी एकता को मजबूत करने के लिए नहीं बल्कि बीजेपी के उद्देश्यों को पूरा करती है।

    बता दें कि सोमवार को राज्य विधानसभा में कांग्रेस के एकमात्र विधायक बायरन बिस्वास टीएमसी में शामिल हो गए। वह महासचिव अभिषेक बनर्जी की उपस्थिति में पार्टी में शामिल हुए। 2024 के आम चुनाव में भाजपा को हराने के लिए विपक्षी एकता बनाने की कोशिश में जुटी हुई है।

    कांग्रेस का टीएमसी पर तीखा हमला

    विधायक बायरन बिस्वास के टीएमसी में शामिल होने के एक दिन बाद कांग्रेस ने टीएमसी पर तीखा हमला किया।

    कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, 'ऐतिहासिक जीत में कांग्रेस विधायक चुने जाने के तीन महीने बाद बायरन बिस्वास को पश्चिम बंगाल में टीएमसी ने लुभा लिया है। यह सागरदिघी विधानसभा क्षेत्र के लोगों के जनादेश के साथ पूर्ण विश्वासघात है। गोवा, मेघालय, त्रिपुरा और अन्य राज्यों में पहले हो चुकी इस तरह की खरीद-फरोख्त विपक्षी एकता को मजबूत करने के लिए नहीं की गई है और यह केवल बीजेपी के उद्देश्यों को पूरा करती है।'

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    पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के एकमात्र प्रतिनिधि थे बायरन

    मेदिनीपुर के घटाल में सत्तारूढ़ पार्टी में शामिल होने के समारोह में बायरन ने दावा किया कि कांग्रेस ने उनकी जीत में कोई भूमिका नहीं निभाई, और वह 'मेरी सद्भावना' के कारण जीते। स्थानीय 'बीड़ी' कारोबारी बायरन ने इस साल के शुरू में हुए उपचुनाव में सागरदिघी सीट पर अपने टीएमसी प्रतिद्वंद्वी को हराकर जीत हासिल की थी।

    इस जीत से सत्ताधारी खेमे में खलबली मच गई थी। वह विधानसभा में कांग्रेस के एकमात्र प्रतिनिधि थे और उनके टीएमसी में शामिल होने का मतलब कांग्रेस विधायक दल का बड़े टीएमसी विधायक दल के साथ विलय है।

    TMC ने कांग्रेस विधायक को कब्जे में किया

    बंगाल कांग्रेस के प्रमुख अधीर रंजन चौधरी ने भी बिस्वास को उनके दलबदल के लिए जमकर लताड़ा। उन्होंने कहा कि अगर हम बायरन बिस्वास के साथ नहीं होते, तो आज वह विधायक नहीं होते।

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    चौधरी ने कहा था कि टीएमसी सागरदिघी उपचुनाव हारने के बाद डर गई थी और उसने कांग्रेस विधायक को अपने कब्जे में करने के लिए हर दांव खेला। उन्होंने टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी और उनके भतीजे और पार्टी के सांसद अभिषेक बनर्जी पर अन्य दलों के विधायकों को लुभाने का भी आरोप लगाया।

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