यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भाजपा का वो दिग्गज नेता, जिसने पर्दे के पीछे से हरियाणा में किया कमाल; उत्तर प्रदेश में भी दिखा चुके चुनावी कौशल
हरियाणा में भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता पर काबिज होगी। मंगलवार को जब नतीजे आए तो हर कोई हैरान था। दरअसल कई मायनों में ये नतीजे बिल्कुल अप्रत्याशित थे ...और पढ़ें

HighLights
- बयानबाजी से दूर रहकर जमीनी मुद्दों को समझने व सुलझाने का किया काम।
- पार्टी ने कार्यकर्ताओं की नाखुशी को किया दूर, कई अहम जिम्मेदारियां सौंपी।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। हरियाणा में अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त कांग्रेस को चारों खाने चित्त कर भाजपा ने यूं ही जीत अपने नाम नहीं कर ली है, बल्कि इसके पीछे पार्टी का जमीनी स्तर पर काम और उनके रणनीतिकारों का चुनावी कौशल था।
इसकी कमान राज्य में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जैसे पार्टी के आजमाए हुए रणनीतिकारों के हाथ थी जो पूरे चुनाव के दौरान न सिर्फ बयानबाजी से दूर रहे, बल्कि जमीनी मुद्दों को समझकर उन्हें समय रहते ही सुलझाने का भी काम किया।
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25 दिन हरियाणा में प्रधान ने डाला डेरा
प्रधान को इससे पहले उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में भी चुनाव मोर्चे पर लगाया गया था। वहां भी उन्होंने अपने चुनावी कौशल से पार्टी को बड़ी जीत दिलाई थी। चुनाव की घोषणा के बाद लगभग 25 दिन लगातार हरियाणा में ही डेरा डालकर बैठे प्रधान ने इस दौरान पार्टी के विरुद्ध जाने वाले उन सभी मुद्दों को सुलझाने का काम किया।
कैसे पलटी बाजी?
पहला काम था चेहरा घोषित किए बिना उसे प्रोजेक्ट करने का। उनके जाने के बाद से चुनाव मुख्यमंत्री नायब सैनी पर केंद्रित हुआ। उससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की भूमिका बरकरार थी। पार्टी से नाराज चल रहे एक बड़े धड़े को साधने का काम किया और उन्हें जिम्मेदारी दी। प्रधान का इस दौरान सबसे ज्यादा फोकस ओबीसी और वंचित मतदाताओं को साथ लाने का था। नतीजों के बाद पार्टी अपने इस प्रयास में सफल दिखी।