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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'अवैध प्रवासियों को भेजने का तरीका नया नहीं, ये नियम साल 2012 से ही लागू' भारतीयों की वापसी पर संसद में बोले विदेश मंत्री

    By Agency Edited By: Piyush Kumar
    Updated: Thu, 06 Feb 2025 02:13 PM (IST)

    अमेरिका में अवैध तरीके से दाखिल हुए 104 भारतीयों की वतन वापसी का मुद्दा देश के संसद में भी आज उठाया गया। इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ...और पढ़ें

    अमेरिका में अवैध तरीके से दाखिल हुए 104 भारतीयों की वतन वापसी पर सदन में हंगामा हुआ।(फोटो सोर्स: एएनआई)
    अमेरिका में अवैध तरीके से दाखिल हुए 104 भारतीयों की वतन वापसी पर सदन में हंगामा हुआ।(फोटो सोर्स: एएनआई)

    एएनआई, नई दिल्ली। अमेरिका में अवैध तरीके से दाखिल हुए 104 भारतीयों की वतन वापसी हो गई है। बुधवार को अमेरिकी सेना का विमान इन भारतीयों को लेकर अमृतसर (Amritsar Airport) पहुंचा।

    विपक्षी सांसदों की तरफ से इस मामले को लोकसभा में उठाया गया।  वहीं, संसद परिसर में विपक्षी नेताओं ने हाथ में हथकड़ियां पहनकर सरकार की नीतियों का विरोध किया। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा,"जिस तरह से यह किया गया, हम उसका विरोध कर रहे हैं। उनके पास उन लोगों को निर्वासित करने का पूरा कानूनी अधिकार है, लेकिन उन्हें इस तरह अचानक सैन्य विमान में हथकड़ी लगाकर भेजना भारत का अपमान है, यह भारतीयों की गरिमा का अपमान है।"

    कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल, समाजवादी पार्टी सांसद धर्मेंद्र यादव, कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह और अन्य विपक्षी नेताओं को संसद में हथकड़ी पहनकर विरोध प्रदर्शन किया। 

     

    एस जयशंकर ने संसद में दिया जवाब

    इस मामले पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी नियमों के मुताबिक कार्रवाई हुई। हर साल अवैध प्राविसयों को अमेरिका भारत वापस भेजती है। 

    विदेश मंत्री ने आगे कहा कि  अवैध अप्रवासी वहां अमानवीय हालात में फंसे थे। अवैध अप्रवासियों को वापस लेना ही था। उन्होंने कहा कि डिपोर्टेशन कोई नया नहीं है। विदेश मंत्री ने 2009 से अब तक के आंकड़े भी गिनाए और कहा कि हर साल अवैध अप्रवासियों को वापस भेजा जाता है। अमेरिकी नियम के मुताबिक कार्रवाई हुई। विदेश मंत्री ने कहा कि पहली बार लोगों को वापस नहीं भेजा गया है. 2012 से ही ये नियम लागू है। 

    पीएम मोदी ने ऐसा क्यों होने दिया: प्रियंका गांधी 

    इस घटना पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बहुत सी बातें कही गईं कि राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी बहुत अच्छे दोस्त हैं। पीएम मोदी ने ऐसा क्यों होने दिया? क्या हम उन्हें वापस लाने के लिए अपना विमान नहीं भेज सकते थे? क्या इंसानों के साथ ऐसा व्यवहार किया जाता है? कि उन्हें हथकड़ी और बेड़ियां पहनाकर वापस भेजा जाता है? विदेश मंत्री और प्रधानमंत्री को जवाब देना चाहिए।" 

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    बता दें कि विदेश मंत्री एस जयशंकर राज्यसभा में इस मामले पर सरकार का पक्ष रखेंगे। 

    सपा-कांग्रेस ने स्थगन प्रस्ताव किया पेश

    बता दें कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने लोक सभा में कार्य स्थगन का प्रस्ताव दिया है। कांग्रेस सांसद गोगोई ने कहा कि इन व्यक्तियों को निर्वासन प्रक्रिया के दौरान बेड़ियों में जकड़े जाने और उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किए जाने की खबरें सामने आई हैं, जिससे उनकी मानवीय गरिमा और अधिकारों को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा होती हैं।

    उन्होंने यह भी कहा कि जबकि तात्कालिक मुद्दा विदेशों में हमारे नागरिकों के साथ व्यवहार से संबंधित है, यह मानवाधिकारों पर भारत के कूटनीतिक रुख के बारे में व्यापक चिंताओं को भी दर्शाता है। गोगोई ने कहा कि भारत सरकार की लगातार चुप्पी, खास तौर पर प्रधानमंत्री की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया न मिलना घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखा गया है। राज्यसभा में इस मामले पर कांग्रेस, सीपीई, टीएमसी और आप संसदों ने हंगामा किया।

    इन राज्यों के लोगों को अमेरिका से किया गया डिपोर्ट

    अमेरिका से लौटने वालों में 33 लोग हरियाणा के हैं, जिनमें सबसे ज्यादा 11 लोग कैथल जिले के बताए जा रहे हैं। हरियाणा के इन लोगों में सात ऐसे हैं, जिनकी उम्र 20 साल से कम हैं। तीन महिलाओं की भी वापसी हुई है। आज (06 फरवरी) इस मामले को संसद में भी उठाया गया।

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