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    '20 जून ही होना चाहिए बंगाल का स्थापना दिवस', सीएम सुवेंदु बोले- विधानसभा में लाएंगे प्रस्ताव

    Updated: Sun, 10 May 2026 06:59 AM (IST)

    बंगाल में भाजपा की बनी पहली सरकार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शनिवार को शपथ ग्रहण के कुछ ही घंटों बाद सुवेंदु अधिकारी ने जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्र ...और पढ़ें

    '20 जून ही होना चाहिए बंगाल का स्थापना दिवस', सीएम सुवेंदु (फोटो- एक्स)

    '20 जून ही होना चाहिए बंगाल का स्थापना दिवस', सीएम सुवेंदु (फोटो- एक्स)

    HighLights

    1. मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सुवेंदु ने कहा- बंगाल का नव निर्माण करना है 

    2. कहा- मैं कोई विवादित बयान नहीं दूंगा, मैं अब सबका सीएम

    राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में भाजपा की बनी पहली सरकार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शनिवार को शपथ ग्रहण के कुछ ही घंटों बाद सुवेंदु अधिकारी ने जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद के भवानीपुर स्थित आवास पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

    इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में सुवेंदु ने कहा कि बंगाल का वास्तविक स्थापना दिवस 20 जून 1947 है और उनकी सरकार इस तिथि को आधिकारिक मान्यता दिलाने के लिए मंत्रिमंडल और विधानसभा में प्रस्ताव लाएगी।

    कहा कि यदि 20 जून 1947 को बंगाल भारत में शामिल नहीं हुआ होता, तो आज की स्थिति बिल्कुल अलग होती। दावा किया कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी और भारत सेवाश्रम संघ के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद के संघर्ष के कारण ही बंगाल भारत का हिस्सा बन सका।

    विधानसभा में 58 सदस्यों ने मतदान कर बंगाल को भारत में शामिल करने का समर्थन किया था। उन्होंने पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इतिहास को बदला नहीं जा सकता। आगे कहा कि अब बंगाल का नव निर्माण करना है।

    कहा कि मैं कोई विवादित बयान नहीं दूंगा, मैं अब सबका मुख्यमंत्री हूं। उल्लेखनीय है कि 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल सरकार ने विधानसभा से एक प्रस्ताव पारित कराकर 14 या 15 अप्रैल को बांग्ला नववर्ष (पोइला बैशाख) के दिन को बंगाल दिवस घोषित किया था, जिसका भाजपा ने कड़ा विरोध किया था।

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    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आवास से निकलने के बाद सुवेंदु बालीगंज स्थित भारत सेवाश्रम संघ भी पहुंचे। वहां के बाद उन्होंने कालीघाट मंदिर में भी शाम में पूजा-अर्चना की। कहा कि उन्हें मां काली का आशीर्वाद प्राप्त है।

    जब वह पहली बार कालीघाट मंदिर में पूजा करने गए थे, तब मां के चरणों से एक कमल का फूल उनके हाथ में गिरा था, जिसे उन्होंने शुभ संकेत माना। सुवेंदु उससे पहले दिन में शपथ लेने के बाद रवींद्र जयंती के अवसर पर जोड़ासांको स्थित रवींद्र नाथ टैगोर के पैतृक आवास ठाकुरबाड़ी भी गए।

    उन्होंने टैगोर के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इच्छा थी नई सरकार रवींद्र जयंती पर बने। इसलिए शपथ के लिए यह दिन चुना गया।