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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    लोकसभा अध्यक्ष के लिए भाजपा ने बिछाई बिसात, NDA के सहयोगी को मिल सकता है डिप्टी स्पीकर का पद

    Updated: Mon, 17 Jun 2024 07:07 PM (GMT+05:30)

    लोकसभा अध्यक्ष के चुनाव के नजदीक आने के साथ ही सभी का ध्यान अध्यक्ष के पद पर केंद्रित हो गया है जिससे इस बात को लेकर व्यापक अटकलें लगाई जा रही हैं कि ...और पढ़ें

    NDA के सहयोगी को मिल सकता है डिप्टी स्पीकर का पद (Image: ANI)
    NDA के सहयोगी को मिल सकता है डिप्टी स्पीकर का पद (Image: ANI)

    HighLights

    1. भाजपा में बाहर आए नेता के अध्यक्ष का उम्मीदवार बनाने पर विपक्ष का रूख हो सकता है नरम
    2. पुरानी परंपरा का हवाला देकर उपाध्यक्ष पर दावा करेगा विपक्ष
    3. भाजपा इसे राजग के सहयोगी दल को देने की जताई मंशा

    नीलू रंजन, जागरण। नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की निगाहें आगामी लोकसभा अध्यक्ष पर टिकी है। राजग सहयोगियों के साथ विचार-विमर्श के बाद तय माना जा रहा है कि अगला लोकसभा अध्यक्ष भी भाजपा का ही होगा, लेकिन उपाध्यक्ष का पद भाजपा किसी सहयोगी दल को देने को तैयार है।

    वहीं, विपक्ष लोकसभा अध्यक्ष पद के उम्मीदवार नाम की घोषणा के इंतजार में है। किसी दूसरे दल से भाजपा में आए नेता को लोकसभा अध्यक्ष बनाए जाने की स्थिति में विपक्ष का रूख नरम हो सकता है। लेकिन भाजपा के मूल कैडर के नेता को लोकसभा अध्यक्ष बनाए जाने की स्थिति में विपक्ष पूरी ताकत के साथ चुनौती पेश करेगा।

    26 जून को नए लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव

    ध्यान देने की बात है कि 24 और 25 जून को नव निर्वाचित सांसदों के शपथ ग्रहण के अगले दिन यानी 26 जून को नए लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव होना है। तीसरे कार्यकाल में भाजपा के अकेले बहुमत से दूर रहने की स्थिति में लोकसभा अध्यक्ष पद को काफी अहम माना जा रहा है।

    अब तक अगले लोकसभा अध्यक्ष के उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं हुआ

    लोकसभा अध्यक्ष के चुनाव में राजग सहयोगी दलों के साथ राय मशविरा कर एकमत बनाने की जिम्मेदारी रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को सौंपी गई थी। राजनाथ सिंह के साथ बैठक में सभी राजग लोकसभा अध्यक्ष का पद भाजपा को देने के लिए तैयार हो गए हैं और जदयू ने सार्वजनिक रूप से इसका ऐलान भी कर दिया है। लेकिन भाजपा ने अभी तक अगले लोकसभा अध्यक्ष के उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं किया है।

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    2019 की तरह चौंकाने वाले नाम सामने आ सकते हैं

    भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस बार भी 2019 की तरह चौंकाने वाले नाम सामने आ सकते हैं, जिसकी घोषणा एक-दो दिन पहले की जाएगी। सूत्रों के अनुसार राजग दलों के बीच लोकसभा अध्यक्ष के साथ ही उपाध्यक्ष पद पर भी चर्चा हुई। वैसे लोकसभा में उपाध्यक्ष पद विपक्ष के किसी नेता को देने की परंपरा रही है। लेकिन 2014 में भाजपा ने राजग के सहयोगी एआइएडीएमके के एम थंबीदुरई को उपाध्यक्ष बनाया था।

    2019 में किसी को उपाध्यक्ष नहीं बनाया गया

    वहीं, 2019 में किसी को उपाध्यक्ष बनाया ही नहीं गया। अब बदली हुई परिस्थिति में भाजपा एक बार फिर सहयोगी दल को यह पद को देने को तैयार है। माना जा रहा है कि राजग में भाजपा के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी टीडीपी के खाते में यह जा सकता है। वहीं इस बार संख्या बल में मजबूत स्थिति में आए विपक्ष दल लोकसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद आसानी से भाजपा और सहयोगी दलों के खाते में नहीं देना चाहते हैं। लेकिन भाजपा की ओर से उम्मीदवार की घोषणा के अनुरूप वे अपनी रणनीति तय करेंगे।

    पुरंदेश्वरी देवी या बीजेडी से आए भर्तृहरि महताब? 

    यदि कांग्रेस से भाजपा में आई पुरंदेश्वरी देवी या बीजेडी से आए भर्तृहरि महताब को लोकसभा अध्यक्ष का उम्मीदवार बनाया जाता है तो कांग्रेस व विपक्षी दलों का रुख नरम रहेगा और संभावना है कि वे इनके खिलाफ अपना उम्मीदवार नहीं उतारें। लेकिन भाजपा के मूल कैडर के किसी नेता के लोकसभा अध्यक्ष का उम्मीदवार बनाए जाने की स्थिति में विपक्ष एकजुट होकर अपना प्रत्याशी भी मैदान में उतारेगा। वहीं विपक्ष पुरानी परंपरा का हवाला देकर उपाध्यक्ष का पद विपक्ष को देने के लिए भी दबाव बनाएगा।

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