राजस्थान में एक साथ होंगे पंचायत और स्थानीय निकाय चुनाव, सरकार का फैसला- मजदूरों की मजदूरी वर्ष में बढ़ेगी दो बार
राजस्थान में वन स्टेट वन इलेक्शन योजना के तहत पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय निकायों के चुनाव एकसाथ करवाए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे चुनावी खर ...और पढ़ें

राजस्थान में एक साथ होंगे पंचायत और स्थानीय निकाय चुनाव (सांकेतिक तस्वीर)
HighLights
वन स्टेट वन इलेक्शन प्रस्ताव को मंत्रिमंडल की मंजूरी
सरकार का फैसला मजदूरों की मजदूरी वर्ष में बढ़ेगी दो बार
जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान में वन स्टेट वन इलेक्शन योजना के तहत पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय निकायों के चुनाव एकसाथ करवाए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे चुनावी खर्च में कमी आने के साथ ही प्रशासनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
पंचायत एवं स्थानीय निकाय के अलग-अलग चुनाव करवाने पर लगने वाली बार-बार आचार संहिता से भी छुटकारा मिलेगा। एक साथ चुनाव होने से एक बार ही आचार संहिता लागू होगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में वन स्टेट वन इलेक्शन प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल और खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि शुक्रवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग द्वारा पिछले दिनों सौंपी गई रिपोर्ट को मंजूरी दी गई।
रिपोर्ट के आधार पर ही विभिन्न वर्गों के लिए सीटों का आरक्षण तय होगा। अब पंचायत राज संस्थाओं एवं स्थानीय निकाय चुनाव में सीटों पर लाटरी होगी। राज्य निर्वाचन आयोग आगामी दिनों में चुनाव की तारीख घोषित करेगा।
मंत्रिमंडल ने मजदूरों के हितों की रक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक और वाणिज्यक प्रतिष्ठानों के व्यवस्थित संचालन के लिए मजदूरी संहिता राजस्थान नियम जारी करने की स्वीकृति दी है।
इस नियम के तहत न्यूनतम मजदूरी एवं काम के घंटों को पारदर्शी तरीके से निर्धारित किया गया है। इसमें महंगाई भत्ते को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से जोड़कर वर्ष में दो बार एक अप्रैल और एक अक्टूबर को मजदूरी में संशोधन होगा।