Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 31, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'जाइए FIR कीजिए', विपक्षी नेताओं के फोन हैकिंग दावे पर BJP ने दिया दो-टूक जवाब, Apple ने क्या कुछ कहा?

    By AgencyEdited By: Piyush Kumar
    Updated: Tue, 31 Oct 2023 01:56 PM (GMT+05:30)

    Phone Hacking Row राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने आरोप लगाया कि उनके फोन को हैक करने की कोशिश की जा रही है। विपक्षी नेताओं के शिकायत सामने आने के बाद भा ...और पढ़ें

    विपक्षी नेताओं के फोन हैकिंग मामले पर रविशंकर प्रसाद ने प्रतिक्रिया दी।(फोटो सोर्स: जागरण)
    विपक्षी नेताओं के फोन हैकिंग मामले पर रविशंकर प्रसाद ने प्रतिक्रिया दी।(फोटो सोर्स: जागरण)

    HighLights

    1. एप्पल को इस मामले पर स्पष्टीकरण देना चाहिए: भाजपा
    2. राहुल गांधी समेत कई नेताओ दावा किया कि उनके फोन को हैक करने की कोशिश की गई
    3. एप्पल मोबाइल कंपनी ने भी दी अपनी प्रतिक्रिया

    एएनआई,नई दिल्ली। Phone Hacking Row। कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत आई.एन.डी.आई.ए. गठबंधन में शामिल कई नेताओं ने मंगलवार को आरोप लगाया कि उनके फोन को हैक करने की कोशिश की जा रही है। राहुल गांधी ने बकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए यह कहा कि उनके फैन को हैक करने की कोशिश की गई।

    शशि थरूर,प्रियंका चतुर्वेदी, राघव चड्ढा, महुआ मोइत्रा और असदुद्दीन ओवैसी समेत कई विपक्षी नेताओं ने Apple की तरफ से मिले अलर्ट के आधार पर दावा किया कि मोदी सरकार उनके फोन और ईमेल को हैक करने की कोशिश कर रही है।

    शिकायतकर्ता मोबाइल कंपनी से करें बात : रविशंकर प्रसाद

    विपक्षी नेताओं के शिकायत सामने आने के बाद भाजपा ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने इस मामले पर कहा कि इस मामले पर Apple कंपनी को स्पष्टीकरण देना चाहिए। वहीं, उन्होंने शिकायतकर्ताओं को सलाह दी कि आप इस मामले पर एफआईआर दर्ज करवा सकते हैं।  

    उन्होंने आगे कहा,"इन नेताओं को मोबाइल कंपनी से बातचीत करनी चाहिए और पूछना चाहिए कि आखिर क्या माजरा है। लेकिन, मैं अपने अनुभव से साथ कहना चाहता हूं कि कोई भी टोलीकॉम कंपनी ऐसा नहीं करती है।

    इस मामले पर स्पष्टीकरण देना मोबाइल कंपनी का काम: भाजपा नेता

    रविशंकर प्रसाद ने आगे कहा,"राहुल गांधी ने पहले पेगासस के बारे में दावे किए थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति के समक्ष आईफोन जमा करने से इनकार कर दिया था।" उन्होंने आगे कहा कि ये  एप्पल का काम है कि वह विपक्षी नेताओं और शिकायतकर्ताओं को इस अलर्ट पर  स्पष्टीकरण दे।

    खबरें और भी

    कुछ लोगों को आलोचना की आदत लग गई: अश्विनी वैष्णव 

    इस मामले पर केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोगों को केवल आलोचना की आदत है। ये (विपक्षी नेता) देश की उन्नति नहीं पचा सकते हैं। कुछ लोगों को आलोचना की आदत लग गई है। एप्पल ने 150 देशों में एडवाइजरी जारी की है।

    अलर्ट मैसेज में क्या लिखा है?

    कई नेताओं ने सोशल मीडिया हैंडल X पर पोस्टअलर्ट मैसेज की स्क्रीनशॉट साझा किया।

    अलर्ट में लिखा है," अगर आपके डिवाइस के साथ किसी राज्य-प्रायोजित हमलावर ने छेड़छाड़ की है, तो वे आपके संवेदनशील डेटा, कम्युनिकेशन, या यहां तक कि कैमरा और माइक्रोफोन तक पहुंचने में सक्षम हो सकते हैं।"

    एप्पल ने इस मामले पर क्या कहा?

    विपक्षी नेताओं के आरोप के कुछ मिनटों के बाद ही एप्पल ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। कंपनी ने कहा कि हम किसी भी विशेष राज्य-प्रायोजित की सूचना नहीं देते हैं। यह संभव है कि कुछ एप्पल खतरे की सूचनाएं गलत अलार्म हो सकती हैं, या कुछ हमलों का पता नहीं चल पाता है।

    कंपनी ने आगे कहा कि संभव है कि ये मैसेज एक फॉल्स अलार्म हो, जो इन खतरों की गलत जानकारी दे रहा हो। हमारे पास इस बात की जानकारी नहीं है कि आखिर किस वजह से यह अलर्ट जारी किया गया। 

    यह भी पढ़ें: 'मेरा फोन टैप कराते रहिए', विपक्षी नेताओं के हैकिंग के दावे पर राहुल गांधी बोले- हम लड़ने वाले लोग हैं