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    '10 साल में 152 पेपर लीक, एक भी दोषी को सजा नहीं'; राहुल गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान का मांगा इस्तीफा

    Updated: Wed, 22 Jul 2026 10:23 PM (IST)

    राहुल गांधी ने छात्रों पर लाठीचार्ज और 10 साल में 152 पेपर लीक पर सरकार को घेरा, धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री के तौर पर विफल बताया। ...और पढ़ें

    HighLights

    1. राहुल गांधी ने छात्रों पर लाठीचार्ज और पेपर लीक पर सरकार को घेरा।

    2. धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री के तौर पर विफल बताया, सरकार पर आरोप।

    3. नीट परीक्षा खर्च और शिक्षा व्यवस्था की बर्बादी पर चिंता व्यक्त की।

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के आंदोलन को विपक्ष के संपूर्ण समर्थन का एलान करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की छात्रों की मांग को पूर्ण रूप से जायज ठहराते हुए कहा कि इस पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

    संसद मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई को बर्बर बताते हुए कहा कि छात्र कोई आतंकवादी नहीं, बल्कि हमारे अपने हैं। वे केवल ऐसी शिक्षा व्यवस्था चाहते हैं, जो निष्पक्ष तरीके से काम करे। हमारी शिक्षा व्यवस्था कभी दुनिया की सबसे अग्रिम पंक्तियों में एक मानी जाती थी। आज वह धांधली वाली व्यवस्था बन गई है।

    युवा पीढ़ी को अपने भविष्य के सारे रास्ते बंद नजर आ रहे हैं और इसीलिए छात्र सड़कों पर हैं। छात्रों की पिटाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी की मांग करते हुए इसमें शामिल लोगों की जवाबदेही तय किए जाने की बात भी राहुल ने कही।

    धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए- राहुल गांधी

    कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री पर भ्रष्ट आचरण में शामिल होने का आरोप लगाते हुए कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, छात्रों के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीएम की माफी इन तीनों पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

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    सरकार में एक समय ऐसा आता है, जब मनोवैज्ञानिक रूप से नेतृत्व ध्वस्त हो जाता है। अभी यही हुआ है। मोदी सरकार घबराहट की स्थिति में है। इसी घबराहट में छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग किया गया।

    छात्रों को बुरी तरह पीटा गया- राहुल गांधी

    राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस से पूर्व संसद मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस की "बर्बरता" का कुछ वीडियो क्लिप दिखाया और कहा कि आखिर छात्रों ने ऐसा क्या किया कि उन पर हथियार तानकर न केवल पीटा गया, बल्कि लड़कियों से भी बदसलूकी की गई।

    पीएम आवास के बाहर अपने विरोध प्रदर्शन को वाजिब ठहराते हुए कहा कि हमें लगा कि अगर देश के छात्र सड़क पर हैं तो विपक्ष को भी सड़क पर होना चाहिए। लेकिन, पीएम आवास जाने से पहले विपक्ष स्पीकर के पास गया और सदन में छात्रों के मुद्दों पर चर्चा करवाने की मांग की।

    स्पीकर ने कहा कि वह सरकार से बात करेंगे, लेकिन उसके बाद कुछ नहीं हुआ और मुद्दे को नजरअंदाज कर दिया गया। पूरी प्रेस वार्ता के दौरान राहुल ने एक बार भी सीजेपी या सोनम वांगचुक का नाम नहीं लिया।

    नेता विपक्ष के रूप में जनता की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं- राहुल

    पीएम आवास से उन्हें जबरन हटाए जाने और बदसलूकी के सवाल पर राहुल ने कहा कि यह सही है कि उनके नाक से खून निकला और उन्हें घसीटकर हटाया गया। लेकिन, यह मुद्दा नहीं है।

    असली मुद्दा छात्रों का है और वह नेता विपक्ष के रूप में जनता की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। राहुल गांधी ने इस क्रम में मुस्कुराते हुए यह भी कहा-जो पुलिस वाले मुझे घसीटकर ले जा रहे थे, वही मुझसे कान में कह रहे थे कि इस सरकार को हटाइए।

    भाजपा सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को तबाह करने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि बीते 10 साल में 152 पेपर लीक से 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए, मगर किसी एक को भी सजा नहीं मिली। यही कारण है कि देश के लाखों छात्र विरोध प्रदर्शन और आंदोलन कर रहे हैं।

    छात्र वर्षों मेहनत करते हैं और पेपर लीक हो जाता है- राहुल गांधी

    उत्पादन तथा उद्यमिता सिमट गई है। कॉरपोरेट क्षेत्र में एआइ रोजगार छीन रहा है और सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण हो रहा है। ऐसे में केवल सरकारी क्षेत्र बचता है, जिसकी नौकरियों के लिए छात्र वर्षों मेहनत करते हैं और पेपर लीक हो जाता है।

    नीट से लेकर नौकरियों में 40-50 लाख देने वालों का पिछले दरवाजे से चयन हो जाता है और देश का मध्यम वर्ग तथा गरीब घरों के बच्चे इसका खामियाजा भुगत रहे हैं। इसलिए हम छात्रों की बात से 100 प्रतिशत सहमत हैं।

    भाजपा ने राहुल गांधी के पीएम आवास पर प्रदर्शन को बताया 'असामाजिक व्यवहार'

    भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री के आवास के बाहर धरना-प्रदर्शन करने पर तीखा हमला बोला। उनके आचरण को असामाजिक और उच्च पद की गरिमा का उल्लंघन बताया।

    दिल्ली में बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा नेता ने राहुल गांधी के राजनीतिक वंश पर कटाक्ष करते हुए उन्हें याद दिलाया कि वह तो एक ऐसे परिवार से हैं जिसने तीन प्रधानमंत्रियों को देखा है।

    उन्होंने कहा- "वह प्रधानमंत्री के आवास के गेट पर धरने पर बैठे। उनके पिता राजीव गांधी प्रधानमंत्री रहे, उनकी दादी इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं और उनके परदादा जवाहरलाल नेहरू भी देश के प्रधानमंत्री थे। उन्हें प्रधानमंत्री आवास की गरिमा का पता होना चाहिए। इसके बावजूद जिस प्रकार का असामाजिक व्यवहार उन्होंने दर्शाया है, वह अत्यंत निंदनीय है।"

    कांग्रेस नेता की "जिद" पर सवाल उठाते हुए भाजपा नेता ने कहा- "क्या देश राहुल गांधी के मनमाने तरीके से चलेगा? क्या आप बस वहां बैठकर अराजक तरीके से काम करेंगे? सरकार नीट मुद्दे पर बहस के लिए तैयार थी, लेकिन फिर आप पीछे हट गए? क्या यह देश आपकी लाठी से चलेगा? क्या यह आपके घमंड से चलेगा? राहुल गांधी, आप असामाजिक रहे हैं। मैं आपके पूरे आचरण की निंदा करता हूं। "

    प्रसाद ने पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि सुरक्षा और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए यह आवश्यक था। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार के प्रयासों पर भी जोर दिया।

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