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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 26, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'राहुल गांधी के भाग्य में ही माफी मांगना लिखा है', शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस नेता को लेकर क्यों कहा ऐसा?

    By Agency Edited By: Piyush Kumar
    Updated: Sat, 26 Jul 2025 05:30 PM (IST)

    केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें चीजों को समझने में हमेशा देर होती है। उन्होंने पूछा कि कांग्रेस ने ...और पढ़ें

    कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी पर निशाना साधा।(फोटो सोर्स: जागरण ग्राफिक्स)
    कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी पर निशाना साधा।(फोटो सोर्स: जागरण ग्राफिक्स)

    आईएएनएस, भोपाल। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। दरअसल, राहुल गांधी ने ओबीसी समुदाय के लिए आयोजित 'भागीदारी न्याय सम्मेलन' को संबोधित करते हुए स्वीकार किया था कांग्रेस ने पहले जाति जनगणना न कराकर गलती की थी। इस गलती के लिए वो माफी मांगते हैं।

    राहुल गांधी ने कहा था, "मुझे अफसोस है कि अगर मुझे आपके इतिहास और मुद्दों के बारे में ज्यादा जानकारी होती, तो मैं जाति जनगणना करवा लेता।"

    राहुल गांधी बताए कांग्रेस ने ओबीसी के लिए क्या किया: शिवराज चौहान

    राहुल गांधी के इस बयान पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वो हमेशा बहुत देर से चीजों को समझते हैं। पहले राहुल गांधी ने आपातकाल के लिए माफी मांगी, फिर 1984 सिख दंगों को लिए माफी मांगी और अब ओबोसी समुदाय से माफी मांग रहे हैं। माफी मांगना उनके भाग्य में लिखा हुआ है।

    मैं पूछना चाहता हूं कि राहुल गांधी बताएं कि कांग्रेस ने ओबीसी के लिए क्या किया? कृषि मंत्री ने आगे निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी को जवाब देना चाहिए कि मंडल आयोग की रिपोर्ट को किसने ठंडे बस्ते में डाला।

    दस साल बाद राहुल गांधी फिर मांगेंगे माफी: कृषि मंत्री

    केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, "उन्होंने (राहुल गांधी) राफेल पर माफी भी मांगी थी। और मेरे शब्दों पर ध्यान दीजिए। दस साल बाद, राहुल गांधी आज जो कर रहे हैं उसके लिए फिर से माफी मांगेंगे। माफी मांगना ही उनकी नियति लगती है।"

    26वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर, चौहान ने भारतीय सशस्त्र बलों को भी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान उनके साहस और बलिदान की सराहना की।

    मैं अपने सैनिकों की बहादुरी को नमन करता हूं। उनका साहस सम्मान का पात्र है। अगर हम इन वीरों का सम्मान नहीं करते हैं, तो हम वीरता के मूल सार को कम कर देते हैं। मैं उन सैनिकों को नमन करता हूं, जिन्होंने कारगिल संघर्ष के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया।"

    कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए शिवराज चौहान ने कहा, "यूपीए शासन के दौरान कांग्रेस ने कभी कारगिल विजय दिवस नहीं मनाया। उनके एक सांसद ने तो यहां तक कहा कि यह युद्ध एनडीए सरकार के अधीन लड़ा गया था मानो युद्ध सरकारों के होते हैं, राष्ट्रों के नहीं। मैं उनसे पूछता हूं कि क्या कोई भी युद्ध कभी किसी राजनीतिक दल की संपत्ति होता है, या यह राष्ट्रीय रक्षा?"

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