Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 26, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Maharashtra Politics: जयंत पाटिल के नेता चुने जाने पर फंसा पेंच, शरद पवार को लग सकता है झटका

    By Sanjeev TiwariEdited By:
    Updated: Tue, 26 Nov 2019 11:03 AM (IST)

    विधानसभा सचिव राजेंद्र भागवत का बयान सामने आया है। भागवत ने कहा कि दावा किया गया है कि जयंत पाटिल एनसीपी के विधायक दल के नेता है। इस पर फैसला विधानसभा ...और पढ़ें

    Maharashtra Politics: जयंत पाटिल के नेता चुने जाने पर फंसा पेंच, शरद पवार को लग सकता है झटका
    Maharashtra Politics: जयंत पाटिल के नेता चुने जाने पर फंसा पेंच, शरद पवार को लग सकता है झटका

    नई दिल्ली, एनएआई। महाराष्ट्र में जारी सियासी उठापटक के बीच अब मामला अजीत पवार और जयंत पाटिल के बीच फंसता नजर आ रहा है। एक तरफ जहां एनसीपी अजीत पवार को हटाकर जयंत पाटिल को विधायक दल का नया नेता चुना है, वहीं भाजपा अभी भी अजीत पवार को ही एनसीपी विधायक दल का नेता मान रही है।

    इस बीच महाराष्ट्र विधानसभा सचिव राजेंद्र भागवत का बयान सामने आया है। भागवत ने कहा कि विधानमंडल सचिवालय को एक पत्र मिला है जिसमें दावा किया गया है कि जयंत पाटिल एनसीपी के विधायक दल के नेता हैं। लेकिन, अब इस पर फैसला विधानसभा अध्यक्ष को लेना है। अभी तक स्पीकर का चुनाव नहीं हुआ है।

    वहीं भाजपा के विधायक आशीष शेलार ने जयंत पाटिल को एनसीपी विधायक दल का नेता बनाए जाने पर आपत्ति जताई है। भाजपा ने अजीत पवार की नियुक्ति को मान्य बताया है। भाजपा के विधायक आशीष शेलार ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का यह मानना है कि अजीत पवार की एनसीपी विधायक दल के नेता के तौर पर नियुक्ति मान्य है, जबकि उनकी जगह जयंत पाटिल को नियुक्त किया जाना अमान्य है। एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने अपने भतीजे अजित पवार को पार्टी के विधायक दल के नेता के पद से हटा दिया है। इसके साथ ही जयंत पाटिल को पार्टी के विधायक दल का नेता चुना गया है। 

    अजीत पवार ने शनिवार सुबह ही देवेंद्र फडणवीस के साथ डेप्युटी सीएम के तौर पर शपथ ली थी। साफ है कि अजीत पवार ने भले ही शरद पवार को गच्चा देने की कोशिश की हो, लेकिन वह पार्टी में किनारे लगते दिख रहे हैं।

    खबरें और भी

    बता दें कि सीएम देवेंद्र फडणवीस के साथ अजित पवार के डेप्युटी सीएम की शपथ लेने को लेकर एनसीपी ने शनिवार शाम को बैठक की, जिसमें कुल 50 विधायक मौजूद थे। अजीत पवार ने एनसीपी के विधायकों के समर्थन की एक सूची राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को सौंपी थी।

    अजीत को व्हिप जारी करने का हक नहीं: शरद पवार

    गौरतलब है कि एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने सोमवार शाम को मुंबई के एक होटल में शिवसेना, कांग्रेस के साथ मिलकर 162 विधायकों के परेड में वह काफी हमलावर दिखे। एक तरफ उन्होंने भतीजे अजीत को आड़े हाथों लिया तो दूसरी तरफ बीजेपी पर भी तीखे वार किए। देवेंद्र फडणवीस के सीएम की शपथ लेने पर भाजपा की ओर से अजीत पवार के समर्थन और उन्हें एनसीपी के विधायक दल का नेता बताए जाने पर भी उन्होंने हमला बोला। उन्होंने कहा कि अजीत पवार को विधायक दल के नेता पद से हटा दिया गया है, अब उनके पास व्हिप जारी करने का अधिकार नहीं है।