यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
I.N.D.I.A Meet: दिल्ली में भी JDU को मिली निराशा, सुशील मोदी का CM नीतीश पर तंज; गठबंधन को बताया सनातन विरोधी
I.N.D.I.A Meet राज्यसभा सदस्य सुशील मोदी ने कहा कि विपक्षी दलों के समन्वय समिति की पहली बैठक नेतृत्व सीट साझेदारी और सनातन धर्म के मुद्दे पर कोई फैसला ...और पढ़ें

HighLights
- सांसद सुशील मोदी ने गठबंधन के नेतृत्व के लिए नीतीश कुमार के नाम पर मुहर लगायेगी, लेकिन बंगलुरू, मुंबई की तरह दिल्ली बैठक से भी जदयू को निराशा मिली।
- सांसद ने कहा, जदयू अध्यक्ष और समिति के सदस्य ललन सिंह पीएम पद की दावेदारी करते हुए पटना में नीतीश कुमार का बायोडाटा जारी कर रहे थे।
पटना, राज्य ब्यूरो। राज्यसभा सदस्य सुशील मोदी ने कहा कि विपक्षी दलों के समन्वय समिति की पहली बैठक नेतृत्व, सीट साझेदारी और सनातन धर्म के मुद्दे पर कोई फैसला लेने या रुख तय करने में पूरी तरह टायं-टायं फिश हो गई। समिति से आशा थी कि वह गठबंधन के नेतृत्व के लिए नीतीश कुमार के नाम पर मुहर लगायेगी, लेकिन बंगलुरू, मुंबई की तरह दिल्ली बैठक से भी जदयू को निराशा मिली।
CM को लेकर कही यह बात

उन्होंने कहा कि एक दिन पहले जदयू अध्यक्ष और समिति के सदस्य ललन सिंह पीएम पद की दावेदारी करते हुए पटना में नीतीश कुमार का बायोडाटा जारी कर रहे थे। समन्वय समिति ने सनातन धर्म संबंधी द्रमुक के बयान की निंदा तक नहीं की, जिससे स्पष्ट है कि आइएनडीआइए केवल भाजपा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विरुद्ध नहीं, बल्कि सनातन धर्म-विरोधी है।
जो लोग पांच राज्यों में इसी साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सीट साझेदारी पर फैसला नहीं ले पाए, वे लोकसभा चुनाव में साझा उम्मीदवार कैसे तय करेंगे? आसन्न चुनाव वाले दो राज्यों (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ ) में केजरीवाल की पार्टी ने 10-10 सीटों पर अपने उम्मीदवार अकेले ही तय कर लिए। उधर, हाल के उपचुनाव में गठबंधन के दल पश्चिम बंगाल और केरल में एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में थे।
उन्होंने कहा कि समन्वय समिति की बैठक में न ललन सिंह पहुंचे, न ममता बनर्जी के प्रतिनिधि। माकपा ने अब तक अपना प्रतिनिधि भी तय नहीं किया है। जब तक राहुल गांधी, लालू प्रसाद, नीतीश कुमार और ममता बनर्जी जैसे शीर्ष नेतृत्व की बैठक नहीं होगी, तब तक समन्वय समिति की बैठक एक चाय-पार्टी से ज्यादा मायने नहीं रखती।