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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'मराठी तो बोलनी पड़ेगी, अगर नहीं आती है तो...' MNS कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी पर यह क्या बोल गए महाराष्ट्र के मंत्री?

    Updated: Thu, 03 Jul 2025 03:56 PM (IST)

    महाराष्ट्र के मीरा भायंदर में मनसे कार्यकर्ताओं ने मराठी न बोलने पर एक दुकानदार को थप्पड़ मारा, जिसका वीडियो वायरल हो गया। गृह राज्य मंत्री और शिवसेना ...और पढ़ें

    महाराष्ट्र के मीरा भायंदर इलाके में एमएनएस कार्यकर्ताओं ने एक दुकानदार को थप्पड़ मारा।(फाइल फोटो)

    महाराष्ट्र के मीरा भायंदर इलाके में एमएनएस कार्यकर्ताओं ने एक दुकानदार को थप्पड़ मारा।(फाइल फोटो)

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। महाराष्ट्र के मीरा भायंदर इलाके में एमएनएस (MNS) नेताओं की गुंडागर्दी का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। दरअसल, एमएनएस से जुड़े कुछ लोगों ने मराठी न बोलने की वजह से एक दुकानदार पर थप्पड़ों की बौछार कर दी थी।

     गृह राज्य मंत्री ने MNS कार्यकर्ताओं का किया बचाव

    इस मामले पर खूब राजनीति हो रही है। इसी बीच गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने इस मामले पर अजीबोगरीब प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना की निंदा करने की बजाय कहा कि मराठी का अपमान करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस बात का कोई जिक्र नहीं किया कि आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।

    दापोली से शिवसेना विधायक ने कहा, महाराष्ट्र में मराठी बोलनी ही होगी। अगर आपको मराठी नहीं आती और आपका रवैया यह है कि 'हम मराठी बिल्कुल नहीं बोलेंगे', तो यह काम नहीं करेगा। आप कह सकते हैं कि 'हम मराठी बोलने की कोशिश करेंगे'। अगर कोई मराठी का अपमान करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।"

    उन्होंने कहा कि , "हम आरोपियों से यही कहेंगे यह संदेश देंगे कि उन्हें कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए। (उन्हें) संबंधित व्यक्ति के खिलाफ शिकायत करनी चाहिए, फिर कार्रवाई की जाएगी।"

    क्या है पूरा मामला?

    बता दें कि जिस दुकानदार पर आरोपियों ने हमला किया था वो 48 वर्षीय बाबुलाल खिमजी चौधरी के रूप में हुई है। बाबुलाल ने पुलिस को जानकारी दी कि घटना लगभग 10:30 बजे की है। कुछ लोग दुकान पर आए और पानी की बोतल मांगने लगे। सभी के कपड़ों पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के चिह्न बने थे।

    दुकानदार ने बताया

    जब आरोपियों से दुकान में काम करने वाले कर्मचारियों ने उनसे हिंदी में बात की, तो वो बहस पर उतारू हो गए। वो कर्मचारी को गाली देने लगे और मराठी न बोलने पर धमकी भी दी। उनमें से 2 लोग मेरे पास आए और कहा कि जो भी यहां काम करेगा उसे मराठी आनी चाहिए।

    दुकानदार ने यह भी बताया कि मैंने एमएनएस के कार्यकर्ताओं से कहा कि दुकान में ज्यादातर कर्मचारी दूसरे राज्यों से हैं और उन्हें मराठी नहीं आती है। ऐसे में उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि सबको मराठी जरूर आनी चाहिए।"
     



    एमएनएस ने मामले पर सफाई देते हुए कहा कि हमारे कार्यकर्ता दुकान पर पानी लेने गए थे। मगर दुकानदार बहुत घमंडी था और कह रहा था कि महाराष्ट्र में सारी भाषाएं बोली जाती हैं। इसे लेकर ही उसकी कार्यकर्ताओं से बहस हो गई।