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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 16, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    CAB Protest: छात्रों के समर्थन में प्रियंका गांधी ने दिया धरना, बोलीं- तानाशाही के खिलाफ लड़ेंगे कार्यकर्ता

    By Mangal YadavEdited By:
    Updated: Mon, 16 Dec 2019 06:26 PM (IST)

    प्रियंका गांधी के साथ अहमद पटेल गुलाम नबी आजाद पीएल पुनिया एके एंटनी समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता धरने पर बैठे रहे। ...और पढ़ें

    CAB Protest: छात्रों के समर्थन में प्रियंका गांधी ने दिया धरना, बोलीं- तानाशाही के खिलाफ लड़ेंगे कार्यकर्ता
    CAB Protest: छात्रों के समर्थन में प्रियंका गांधी ने दिया धरना, बोलीं- तानाशाही के खिलाफ लड़ेंगे कार्यकर्ता

    नई दिल्ली, एएनआइ। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पार्टी नेताओं के साथ जामिया के छात्रों के समर्थन में इंडिया गेट पर धरने दिया। वह शाम चार बजे से छह बजे तक धरने पर बैठी रहीं। धरना देने के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता मोदी सरकार की तानाशाही के खिलाफ लड़ाई लड़ते रहेंगे। 

    केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा प्रधानमंत्री को इस बात पर जवाब देना चाहिए कि रविवार को विश्वविद्यालय में क्या हुआ, किसकी सरकार ने छात्रों के साथ मारपीट की?। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को देश की अर्थव्यवस्था पर बोलना चाहिए। 

    इंडिया गेट पर चल रहे कांग्रेस नेताओं के धरना प्रदर्शन में सिख दंगों के आरोपित जगदीश टाइटलर भी पहुंचे । जगदीश टाइटलर के पहुंचते ही मीडिया के कैमरे उनकी तरफ घूम गए। बता दें कि प्रियंका गांधी के साथ अहमद पटेल, गुलाम नबी आजाद, पीएल पुनिया, एके एंटनी समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता धरने पर बैठे रहे। 

     

    केंद्र पर हमला बोलते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार ने युवाओं और छात्रों के अधिकारों पर हमला किया है।उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में घुसकर छात्रों पर हमला किया गया है।

    केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए प्रियंका ने कहा कि वह संविधान की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ेंगी। कांग्रेस न्याय हित में जनता के साथ खड़ी है। 

    बता दें कि रविवार को प्रदर्शन कर रहे उपद्रवियों को मथुरा रोड पर हुए बवाल के बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर खदेड़ दिया। हिंसक उपद्रव के बाद छात्रों को हिरासत में लेने से खफा हजारों छात्र-छात्रएं रात नौ बजे आइटीओ स्थित पुराने दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर भी पहुंच गए। यहां उन्होंने दिल्ली पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में जामिया विश्वविद्यालय के अलावा जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय व एनएसयूआइ के छात्र-छात्रओं के आलावा कुछ राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ता भी थे।

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    शाम को हुए लाठीचार्ज के विरोध में सोशल मीडिया पर संदेश भेजकर सभी को बुलाया गया। इसके बाद छात्र-छात्रएं रात 8.30 बजे तक पुराना पुलिस मुख्यालय के बाहर पहुंचे। उसके बाद दिल्ली के तीनों विश्वविद्यालयों से छात्र-छात्रएं मेट्रो व बसों से आइटीओ पहुंचे लगे। आनन फानन में आला अधिकारियों को सूचना मिलने पर मध्य व उत्तरी जिले से पुलिसकर्मियों का मुख्यालय पर पहुंचना शुरू हो गया। पुलिसकर्मियों ने मुख्यालय के सारे दरवाजे बंद कर बाहर कड़ी बैरिकेडिंग कर दी। रात 11 बजे तक करीब एक से डेढ़ हजार की संख्या में छात्र-छात्रएं यहां पहुंचे। मेट्रो से लगातार छात्रों को आते देख आइटीओ मेट्रो के सभी दरवाजे बंद करा दिए गए ।

    दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी

    जेएनयू व डीयू से बड़ी संख्या में छात्र-छात्रओं ने मुख्यालय के बाहर सड़क तक ढफली बजाकर प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारी हमें चाहिए आजादी, आजादी.आजादी, दिल्ली पुलिस मुर्दाबाद, शर्म करो.शर्म करो, दिल्ली पुलिस जामिया छोड़ो.जामिया छोड़ो आदि के जमकर नारे लगाते रहे। इनकी मांग थी कि जामिया से पुलिसकर्मी हटाए जाएं। जिन छात्र-छात्राओं को हिरासत में लिया गया है उन्हें तुरंत छोड़ दिया जाए। जिन पुलिसकर्मियों ने छात्रों की पिटाई की है उन्हें निलंबित किया जाए।