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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Budget 2024: अमृतसर-कलकत्ता कॉरिडोर सीमांत जिले के उद्योग को देगा संजीवनी, समय की बचत के साथ बढ़ेगा आयात-निर्यात

    Updated: Wed, 24 Jul 2024 12:32 PM (GMT+05:30)

    मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट को संसद में पेश किया। इस दौरान आम बजट में अमृतसर-कलकत्ता कॉरिडोर की घोषणा के बाद से व्यापारियो ...और पढ़ें

    अमृतसर-कलकत्ता कॉरिडोर सीमांत जिले के उद्योग को देगा संजीवनी।
    अमृतसर-कलकत्ता कॉरिडोर सीमांत जिले के उद्योग को देगा संजीवनी।

    HighLights

    1. 401 किलोमीटर के कॉरिडोर से उद्योगों को काफी फायदा
    2. आयात निर्यात के साथ ही समय की होगी बचत
    3. आम बजट में अमृतसर-कलकत्ता कॉरिडोर की घोषणा

    जागरण संवाददाता, अमृतसर। केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से संसद में पेश किए गए आम बजट में अमृतसर कलकत्ता कॉरिडोर की घोषणा से व्यापारियों ने सराहना की है। कलकत्ता लुधियाना के कॉरिडोर का अमृतसर तक विस्तार करने से जहां उद्योग खुश होगा, वहीं अमृतसर—कलकत्ता कॉरिडोर से ट्रांसपोटेशन खर्च कम होगा।

    उद्योग की लोडिंग अनलोडिंग सहित अन्य खर्चों में कटौती होगी। समय की बचत होगी और इससे आयात निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा। के साथ-साथ समय की बचत भी होगी। यही नहीं इससे कलकत्ता के माध्यम से अन्य विदेशी मुल्कों से भी टेक्सटाइल व्यापार बढ़ेगा।

    तीन दिन में अमृतसर से कलकत्ता पहुंचेगा माल

    टेक्सटाइल मैनुफेक्चरिंग एसोसिएशन के प्रधान दीपक खन्ना और महासचिव राजीव खन्ना ने बताया कि अमृतसर कलकत्ता कॉरिडोर से सात दिनों की बजाए तीन दिन में ही माल अमृतसर से सीधा कलकत्ता पहुंच जाएगा। पहले माल पहुंचने में एक सप्ताह से ज्यादा समय लग जाता था और माल को पहले लुधियाना भेजना पड़ता था और पहले यहां और फिर वहां लोडिंग अनलोडिंग का खर्च व्यापारियों को वहन करना पड़ता था।

    वैसे भी पिछले समय में मालगाड़ियों की स्पीड जो पहले रफ्तार 25 से 27 किलोमीटर प्रति घंटा थी, अब वह 47 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की हो गई है, इससे उद्योग जगत को बड़ी राहत मिली है। वैसे भी रोड ट्रांसपोर्टेशन की बजाए रेलवे ट्रांसपोर्टेशन सस्ता पड़ता है।

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    बॉर्डर एरिया की इंड्रस्ट्री को मिलेगा बड़ा लाभ

    कपड़ा उद्योग से जुड़े विनोद सेठ ने कहा कि पहले अमृतसर से लुधियाना तक माल जाता था और माल लुधियाना में ही कई दिनों तक डंप रहता था। इसकी आगे कलकत्ता के लिए लोडिंग में कई कई दिन लग जाते थे। कलकत्ता तक कपडा व अन्य वस्तुएं देरी से पहुंचने के चलते कई बार कारोबारी ऑर्डर कैंसिल कर देते थे, ऑर्डर रद्द करने की नौबत आ जाती थी। कॉरिडोर के अमृतसर तक विस्तार होने से निश्चित ही बॉर्डर एरिया की इंड्रस्टी को बड़ा लाभ मिलेगा।

    कॉरिडोर से उद्योगों को मिलेगा फायदा- मेहरा

    शास्त्री मार्केट एसोसिएशन के महासचिव दीपक मेहरा ने कहा कि अमृतसर-कलकत्ता के बीच 401 किलोमीटर के कॉरिडोर से अन्य उद्योगों को भी फायदा पहुंचेगा। कपडा, शाल, कंबल, रजाई, शूटिंग—शाटिंग इत्यादि माल भारी मात्रा में कलकत्ता व अन्य मुल्कों में निर्यात हो सकेगा। कॉरिडोर बनने से पहले 200 गाडियों का संचालन किया जाता था, अब 400 मालगाडियों का देश ममें संचालन किया जाता है। कलकत्ता शिप बंदरगाह पर अमृतसर से सीधा माल पहुंचने से सीमांत क्षेत्र में स्थित गुरुनगरी अमृतसर को भारी फायदा होगा।

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    इंडस्ट्री का पलायन रोकने में कारगर साबित हो कॉरिडोर- मलिक

    पूर्व राज्यसभा सदस्य व पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष इंजी. श्वेत मलिक ने कहा कि केंद्र सरकार के बजट ने पंजाब और विशेषकर अमृतसर के उद्योग जगत को अमृतसर कलकता कॉरिडोर से बड़ी राहत दी है। सीमांत जिले अमृतसर के तमाम उद्योगों को इसका लाभ मिलेगा और यहां चल रही इंड्रस्टी को जीवनदान मिलेगा और यहां से इंड्रस्टी का हो रहा पलायन रोकने में भी यह कारगर साबित होगा।

    अमृतसर में इससे नए उद्योग लगेंगे। सोने पर आयात डयूटी 15 फीसद से छह फीसद करने का सीधा लाभ महिलाओं को होगा और युवा मुद्रा कोष बैंक से बिना सिक्योरिटी के लोन मिलने से युवा अपने पैरों पर खड़ा हो सकेंगे। बजट में केंद्र सरकार ने हर वर्ग का पूरा ख्याल रखा है।

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