Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    अमृतसर में दुर्ग्याणा तीर्थ की परिक्रमा में बनी रील पर विवाद, संत ने बेअदबी बताया; कमेटी बोली- परिवार ने मांगी माफी

    Updated: Wed, 03 Jun 2026 02:18 PM (GMT+05:30)

    श्री दुर्ग्याणा तीर्थ की परिक्रमा में युवक-युवती द्वारा बनाई गई वीडियो को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जगतगुरु स्वामी अशनील जी महाराज ने इसे बेअदबी करार ...और पढ़ें

    अमृतसर के श्री दुर्ग्याणा तीर्थ में बनी रील।

    अमृतसर के श्री दुर्ग्याणा तीर्थ में बनी रील।

    HighLights

    1. दुर्ग्याणा तीर्थ में पंजाबी गीत पर वीडियो बनाने पर विवाद।

    2. स्वामी अशनील महाराज ने इसे धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन बताया।

    3. प्रबंधन कमेटी ने कहा, युवक-युवती ने अपनी गलती स्वीकार की।

    कमल कोहली, अमृतसर। अमृतसर के श्री दुर्ग्याणा तीर्थ की परिक्रमा में एक युवक और युवती द्वारा पंजाबी गीत पर वीडियो बनाने का मामला विवादों में घिर गया है। इस घटना को लेकर धार्मिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। श्री राम बालाजी धाम के प्रमुख एवं जगतगुरु स्वामी अशनील जी महाराज ने इस घटना को धार्मिक मर्यादा के विरुद्ध बताते हुए इसे बेअदबी की श्रेणी में रखा है।

    अशनील महाराज ने श्री दुर्ग्याणा प्रबंधक कमेटी के नेतृत्व पर भी सवाल उठाए हैं। स्वामी अशनील जी महाराज ने कहा कि परिक्रमा क्षेत्र जैसे पवित्र स्थान पर युवक और युवती द्वारा पंजाबी गीत पर कथित रूप से अनुचित तरीके से अभिनय करते हुए वीडियो बनाना अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं धार्मिक स्थलों की गरिमा और मर्यादा को प्रभावित करती हैं।

    उनके अनुसार यदि समय रहते सख्त कार्रवाई की जाती तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होती। 

    यह भी पढ़ें- ढिल्लों के पदभार समारोह से चुनावी संदेश, जाखड़ का जाति-धर्म की राजनीति पर हमला; बिट्टू ने मांगी डबल इंजन की सरकार

    थोड़े समय में कई घटनाएं आई सामने

    स्वामी अशनील जी महाराज ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय से तीर्थ परिसर में मर्यादा भंग होने की कई घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन प्रबंधन की ओर से अपेक्षित सख्ती नहीं दिखाई गई। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति द्वारा धार्मिक स्थल की गरिमा के विरुद्ध कार्य किया जाता है तो उसके खिलाफ स्पष्ट और प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी हरकत करने का साहस न कर सके।

    उन्होंने यह भी कहा कि पहले भी कुछ मामलों में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप लगे थे, लेकिन उन घटनाओं में भी कठोर कदम नहीं उठाए गए। इसी कारण ऐसे मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। स्वामी अशनील जी महाराज ने कमेटी नेतृत्व की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदारी तय करने की मांग की और कहा कि धार्मिक स्थलों की मर्यादा बनाए रखना प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर अमृतसर में सुरक्षा कड़ी, 11 केंद्रीय कंपनियां तैनात; स्पेशल DGP ने संभाला मोर्चा

    युवक-युवती ने स्वीकार की गलती

    दूसरी ओर, श्री दुर्गायाणा प्रबंधक कमेटी के महासचिव अरुण खन्ना ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वीडियो सामने आने के बाद संबंधित युवक और युवती ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांग ली है। उन्होंने बताया कि उनके पारिवारिक सदस्यों ने भी इस घटना पर खेद व्यक्त किया है और भविष्य में ऐसी गलती न होने का भरोसा दिया है।

    अरुण खन्ना ने लोगों से अपील की कि वे अपने बच्चों को धार्मिक स्थलों की मर्यादा और परंपराओं के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने की होड़ में किसी भी धार्मिक स्थल की गरिमा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक स्थानों पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं को मर्यादा और अनुशासन का पालन करना चाहिए।

    यह भी पढ़ें- अमृतसर के मजीठा में बिक्रम मजीठिया के लगे गुमशुदा व भगोड़ा लिखे होर्डिंग, पुलिस मामले के बीच बढ़ी राजनीतिक हलचल