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    राम रहीम को बार-बार पैरोल देने पर दमदमी टकसाल ने किया विरोध, कहा- अमृतपाल के मामले में सरकार का दोहरा रवैया

    Updated: Tue, 26 May 2026 06:11 PM (IST)

    दमदमी टकसाल के मुखी ज्ञानी राम सिंह खालसा ने डेरा प्रमुख राम रहीम को बार-बार पैरोल मिलने पर कड़ी निंदा की है। उन्होंने सरकार पर सिख कैदियों की रिहाई म ...और पढ़ें

    दमदमी टकसाल के मुखी ज्ञानी राम सिंह खालसा। फाइल फोटो

    दमदमी टकसाल के मुखी ज्ञानी राम सिंह खालसा। फाइल फोटो

    HighLights

    1. राम रहीम को बार-बार पैरोल पर दमदमी टकसाल की निंदा।

    2. बंदी सिंहों की रिहाई न होने पर सरकार पर दोहरा मापदंड।

    3. सिख संस्थाओं ने अमृतपाल सिंह मामले में न्याय की मांग की।

    जागरण संवाददाता, अमृतसर। डेरा प्रमुख राम रहीम सिंह को बार बार पैरोल मिलने पर दमदमी टकसाल के मुखी ज्ञानी राम सिंह खालसा ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकारें बलात्कार मामलों में सजा काट रहे डेरा प्रमुख को लगातार राहत दे रही हैं, जबकि दूसरी ओर वर्षों से जेलों में बंद बंदी सिंहों और को न तो पैरोल दी जा रही है और न ही उनकी रिहाई को लेकर कोई ठोस फैसला लिया जा रहा है।

    यह सिख समुदाय के साथ बड़ा अन्याय और सरकारों का दोहरा मापदंड है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारें एक विशेष वर्ग को राहत देने में सक्रिय हैं, जबकि सिख कैदियों की रिहाई के मुद्दे को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई बंदी सिंह अपनी सजा पूरी कर चुके हैं, इसके बावजूद वे आज भी जेलों में बंद हैं, जो न्याय और संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।

    सिख संगठनों और पंथक जत्थेबंदियों की ओर से लंबे समय से बंदी सिंहों की रिहाई की मांग उठाई जा रही है, लेकिन केंद्र और पंजाब सरकार इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रही हैं। यदि सरकार वास्तव में न्यायप्रिय होती तो सभी के लिए एक समान कानून लागू करती।

    दमदमी टकसाल प्रमुख ने कहा कि सरकारें एक तरफ सिखों के प्रति हमदर्दी दिखाने का दावा करती हैं, लेकिन दूसरी ओर उनके साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। सिख युवाओं और बंदी सिंहों के मामलों में जानबूझकर देरी की जा रही है।

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    उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बंदी सिंहों और अमृतपाल सिंह के मामले में जल्द न्यायपूर्ण फैसला नहीं लिया गया तो सिख संस्थाओं और पंथक संगठनों का संघर्ष और तेज किया जाएगा।