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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 28, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

डॉ. नवजोत कौर सिद्धू व परगट सिंह हुए कांग्रेस में शामिल

By Kamlesh BhattEdited By:
Updated: Mon, 28 Nov 2016 07:58 PM (IST)

नवजोत सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू परगट सिंह ने आज नई दिल्ली में कैप्टन अमरिंदर सिंह व आशा कुमारी की उपस्थिति में कांग्रेस का दामन थाम लिया।

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जेएनएन, अमृतसर। विधानसभा हलका पूर्वी से भाजपा की पूर्व विधायक डॉ. नवजोत कौर सिद्धू व जालंधर के विधायक परगट सिंह ने आज पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह व पार्टी की पंजाब प्रभारी आशा कुमारी के नेतृत्व में कांग्रेस का दामन थाम लिया। नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में दोनों पार्टी में शामिल हुई। कांग्रेस का दामन थामने के बाद जब डॉ. नवजोत कौर सिद्धू से उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा ''हम दो शरीर एक आत्मा हैं, फिर एक-दूसरे के बिना कब तक रह पाएंगे।'' नवजोत सिंह सिद्धू भी कांग्रेस में शामिल होंगे।

बता दें, नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉक्टर नवजोत कौर सिद्धू भाजपा में थी और पंजाब सरकार में मुख्य संसदीय सचिव थी। कुछ दिन पूर्व उन्होंने भाजपा व विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। वहीं पूर्व अोलंपियन परगट सिंह शिअद के विधायक थे। उन्होंने भी पार्टी व विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था।

देखें तस्वीरें : डॉ. सिद्धू व परगट सिंह बने कांग्रेसी

जेल ब्रेक कांड पर बोले कैप्टन, मामले की सीबीआइ जांच हो

इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह व कांग्रेस का दामन थामने वाले परगट सिंह ने नाभा जेल ब्रेक कांड के लिए पंजाब सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि यह पंजाब की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली हाई सिक्योरिटी जेल है। ब्रेक कांड के पीछे सरकार का ही गेम है। उन्होंने कहा कि उन्हें पंजाब पुलिस पर मामले की जांच को लेकर भरोसा नहीं है। मामले की जांच सीबीआइ को सौंपी जानी चाहिए।

सिद्धू के आने से दुविधा में अमृतसर के कांग्रेसी

वहीं, सूत्रों की मानें तो हलके से कांग्रेस के दावेदार यह नहीं पचा पा रहे कि अगर डॉ. सिद्धू को पार्टी टिकट देती है तो वे उनके पक्ष में कैसे डटेंगे। पिछले पांच साल वे लोगों के बीच उन्हें 'मंदा' कहते आ रहे हैं, अब अगर वे उन्हें 'चंगा' कहेंगे तो लोगों के बीच उनकी ही फजीहत होगी। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए दावेदार हाईकमान के टिकट की घोषणा के फैसले का इंतजार कर रहे हैं, ताकि उसके बाद वे अपनी रणनीति बना सकें कि उन्होंने क्या करना है।

संभावित उम्मीदवारों की कल चंडीगढ़ बुलाया

प्रदेश कांग्रेस ने हलकों के संभावित दावेदारों को 29 नवंबर को चंडीगढ़ बुलाया है। 'हर घर में नौकरी' अभियान की लांचिंग को लेकर हलका पूर्वी से संभावित अहम दावेदारों को फोन भी आ गए हैं। हलके के दावेदारों को ये भी लग रहा है कि कहीं हाईकमान वहां उनकी डॉ. सिद्धू से सिटिंग न करवा दें, इसलिए कुछ ने तो कार्यक्रम में न जाने का निर्णय लेते हुए दिल्ली कूच की तैयारी कर ली है।

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मन्ना आजाद लड़ सकते हैैं चुनाव

सिद्धू परिवार की निकट रहे पूर्व अकाली नेता व वर्तमान में कांग्रेस के प्रदेश सचिव व प्रवक्ता मनदीप सिंह मन्ना का राजनीतिक करियर भी दाव पर है। सिद्धू दंपती को हलके के मंचों से ललकारने वाले मन्ना के निकट सूत्रों की मानें तो अगर डॉ. सिद्धू को टिकट मिलता है तो वे अपना राजनीति करियर बचाने के लिए आजाद उम्मीदवार के रूप में भी मैदान में उतर सकते हैैं। मन्ना कैप्टन के नजदीकी हैं और पिछले दो साल से हलके में रैलियां कर रहे हैं।

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