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    किसानों की आय बढ़ाने के लिए पंजाब पहुंची संसदीय समिति, एमएसपी और फसल बीमा पर होगा मंथन

    Updated: Sun, 31 May 2026 02:14 PM (IST)

    कृषि और डेयरी क्षेत्र से जुड़े मुद्दों का अध्ययन करने के लिए संसदीय समिति पंजाब पहुंची है। समिति किसानों, पशुपालकों और डेयरी क्षेत्र के प्रतिनिधियों स ...और पढ़ें

    श्री हरिमंदिर साहिब पहुंची संसदीय कमेटी।

    श्री हरिमंदिर साहिब पहुंची संसदीय कमेटी।

    HighLights

    1. संसदीय समिति पंजाब में कृषि मुद्दों की समीक्षा करेगी।

    2. एमएसपी, फसल बीमा पर किसानों से होगी चर्चा।

    3. नकली दूध उत्पादों पर भी समिति रिपोर्ट तैयार करेगी।

    जागरण संवाददाता, अमृतसर। कृषि, पशुपालन, सहकारिता, डेयरी और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े मुद्दों की समीक्षा करने वाली संसद की स्थायी समिति का 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल रविवार पंजाब पहुंचा। समिति के अध्यक्ष व सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने अपने तीन दिवसीय अध्ययन दौरे की शुरुआत श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेककर की। इस दौरान देश, पंजाब और किसानों की खुशहाली के लिए अरदास की। 

    श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद समिति के सदस्यों का स्वागत किया गया। इसके बाद सभी सदस्य श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचे। समिति के अध्यक्ष चरणजीत सिंह चन्नी ने बताया कि इस प्रतिनिधिमंडल में लोकसभा और राज्यसभा के कुल 30 सदस्य शामिल हैं, जो पंजाब में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करेंगे।

    उन्होंने कहा कि दौरे के दौरान समिति कृषि अनुसंधान, डेयरी विकास, पशुपालन, सहकारी संस्थाओं और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की मौजूदा स्थिति का मूल्यांकन करेगी। इसके लिए पंजाब कृषि विश्वविद्यालय का दौरा किया जाएगा, जहां कृषि क्षेत्र में विकसित नई तकनीकों और शोध कार्यों की जानकारी ली जाएगी। वहीं डेयरी क्षेत्र की कार्यप्रणाली को समझने के लिए वेरका दुग्ध संयंत्र का भी निरीक्षण किया जाएगा।

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    Channi

    अमृतसर पहुंची 30 सदस्य समिति।

    लोगों से अलग-अलग बैठकें करेगी समिति

    चन्नी ने बताया कि समिति किसान संगठनों, दूध उत्पादकों, पशुपालकों और मत्स्य पालन से जुड़े लोगों के साथ अलग-अलग बैठकें करेगी। इन बैठकों का उद्देश्य जमीनी स्तर पर किसानों और ग्रामीण समुदाय की समस्याओं को समझना है। अध्ययन के आधार पर केंद्र सरकार को ऐसी सिफारिशें भेजी जाएंगी, जिनसे कृषि क्षेत्र को और मजबूत बनाया जा सके।

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    समिति नकली दूध, पनीर, खोया और अन्य डेयरी उत्पादों के बढ़ते कारोबार को भी गंभीर विषय मान रही है। चन्नी ने कहा कि मिलावटखोरी के कारण उपभोक्ताओं और असली उत्पादकों दोनों को नुकसान होता है। इसलिए इस विषय पर भी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी और प्रभावी नियंत्रण के उपाय सुझाए जाएंगे।

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    फसल बीमा योजना भी समिति के एजेंडे में

    फसल बीमा योजना का मुद्दा भी समिति के एजेंडे में प्रमुखता से शामिल है। चन्नी ने कहा कि पंजाब के किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और फसल नुकसान की स्थिति में पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल पा रही है। समिति इस विषय पर भी सुझाव तैयार करेगी। इसके साथ ही पराली जलाने की समस्या के समाधान के लिए किसानों को आर्थिक सहायता देने जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जाएगा।

    न्यूनतम समर्थन मूल्य पर भी होगी चर्चा

    उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी गारंटी देने, किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर समिति गंभीरता से काम कर रही है। विदेशी कृषि उत्पादों के आयात और अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों के प्रभाव का भी अध्ययन किया जाएगा ताकि भारतीय किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    तीन दिवसीय दौरे के दौरान समिति कृषि क्षेत्र की चुनौतियों, संभावनाओं और सरकारी योजनाओं की प्रभावशीलता का आकलन करेगी। इसके बाद तैयार की जाने वाली रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जाएगी, जिससे किसानों और कृषि क्षेत्र के हित में नीतिगत फैसले लेने में मदद मिल सके।

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