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    बठिंडा में बेटे का साढ़ू बनकर बुजुर्ग से ठगे 1.45 लाख रुपये, एक फोन कॉल ने खाली कर दी जमापूंजी

    Updated: Sun, 31 May 2026 11:35 AM (IST)

    बठिंडा के एक बुजुर्ग को बेटे का साढ़ू बनकर फोन करने वाले साइबर ठग ने 1.45 लाख रुपये ठग लिए। परिजनों से जानकारी लेने पर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। पुलिस न ...और पढ़ें

    रिश्तेदार बन की गई ठगी।

    रिश्तेदार बन की गई ठगी।

    HighLights

    1. बठिंडा में बुजुर्ग से रिश्तेदार बनकर 1.45 लाख रुपये ठगे गए।

    2. साइबर अपराधी ने बेटे का साढ़ू बनकर विश्वास जीता।

    3. पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया।

    जागरण संवाददाता, बठिंडा। साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। अब ठगों ने रिश्तेदार बनकर लोगों का भरोसा जीतने और फिर उनके बैंक खातों से रकम निकलवाने का नया तरीका अपनाया है। बठिंडा जिले में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग को उसके बेटे का साढ़ू बनकर फोन किया गया। बातचीत के दौरान विश्वास में लेकर उससे 1.45 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी कर ली गई।

    मामले की शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में गांव भोडीपुरा निवासी गुरचरण सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले उसके मोबाइल फोन पर एक कॉल आई।

    फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को उसके बेटे का साढ़ू बताया। आरोपी ने बातचीत इस तरह की कि उसे किसी प्रकार का संदेह नहीं हुआ। उसने पारिवारिक संबंधों का हवाला देते हुए खुद को करीबी रिश्तेदार साबित करने की कोशिश की और धीरे-धीरे बुजुर्ग का विश्वास जीत लिया।

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    तत्काल पैसों की जरूरत बता उठाया फायदा

    शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी ने बाद में किसी जरूरी काम और आर्थिक परेशानी का हवाला देते हुए तत्काल पैसों की जरूरत बताई। रिश्तेदार समझकर गुरचरण सिंह ने उसकी बातों पर भरोसा कर लिया। आरोपी ने एक बैंक खाता नंबर भेजा और रकम ट्रांसफर करने के लिए कहा। विश्वास में आए बुजुर्ग ने बताए गए खाते में कुल 1 लाख 45 हजार रुपये भेज दिए।

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    रकम भेजने के कुछ समय बाद गुरचरण सिंह ने अपने परिवार के अन्य सदस्यों से संपर्क किया। बातचीत के दौरान पता चला कि जिस व्यक्ति ने फोन किया था, वह उनके बेटे का साढ़ू नहीं था और न ही परिवार की ओर से किसी प्रकार की आर्थिक मदद मांगी गई थी। इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।

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    साइबर सैल हुआ एक्टिव

    मामले की सूचना तुरंत साइबर क्राइम थाना पुलिस को दी गई। जांच अधिकारी सहायक थाना प्रभारी सतरूप सिंह ने बताया कि शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मोबाइल नंबर, बैंक खाते और डिजिटल लेनदेन से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है।

    पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा रिश्तेदार या परिचित बनकर पैसे मांगने पर बिना पुष्टि किए रकम ट्रांसफर न करें। किसी भी वित्तीय लेनदेन से पहले संबंधित व्यक्ति या परिवार के अन्य सदस्यों से सीधे संपर्क कर जानकारी अवश्य लें, ताकि साइबर ठगों के जाल में फंसने से बचा जा सके।

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