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नोटिस पर भड़के पंजाब कर्मचारी, सरकार के आदेश की प्रतियां फूंकीं; महंगाई भत्ते समेत कई मांगों पर आंदोलन जारी

Published: Sat, 29 Aug 2026 04:13 PM (IST)

अमृतसर में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के पत्रों की प्रतियां जलाकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने बकाया महंगाई भत्ता, पुरानी पेंशन और नियमितीकरण समेत मांगें पूरी करने की मांग की।

आदेशों की कॉपियां जलाते हुए कर्मचारी।

आदेशों की कॉपियां जलाते हुए कर्मचारी।

HighLights

  1. कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के धमकी भरे पत्रों का किया विरोध।

  2. मुख्यमंत्री के संदेशों की प्रतियां जलाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी।

  3. महंगाई भत्ता, पुरानी पेंशन बहाली सहित कई मांगें उठाईं।

जागरण संवाददाता, अमृतसर। पंजाब सरकार के कथित धमकी भरे पत्रों के विरोध में कर्मचारियों का गुस्सा शनिवार को सड़क पर दिखाई दिया। सांझी तालमेल कमेटी पंजाब, मुलाजिम व पेंशनर सांझा फ्रंट और सांझा मुलाजिम मंच पंजाब के आह्वान पर तालमेल कमेटी पैरामेडिकल एवं स्वास्थ्य कर्मचारी की अगुवाई में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र थरीएवाल में रोष प्रदर्शन किया गया।

इस दौरान कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री की ओर से जारी किए गए संदेशों की प्रतियां जलाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में पैरामेडिकल कर्मचारी नेताओं रजिंदर कुमार, सतपाल सिंह, बलतेज सिंह, प्रभजीत कौर, जगदीप सिंह कंदोवाली, नरिंदर प्रधान, प्रेम चंद और सविंदर सिंह भट्टी ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है।

कर्मचारियों का आरोप है कि मांगों को लेकर संघर्ष करने वालों को डराने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन वे दबाव में नहीं आएंगे।

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18 प्रतिशत बकाया महंगाई भत्ते की मांग

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि उन्हें महंगाई भत्ता नहीं दिया जा रहा है और पिछला 18 प्रतिशत महंगाई भत्ता भी बकाया है। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग दोहराई। नई भर्ती होने वाले स्वास्थ्य और अन्य कर्मचारियों पर लागू तीन वर्ष की परिवीक्षा अवधि की शर्त खत्म करने की मांग भी उठाई गई।

इसके अलावा आउटसोर्स और कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने की मांग पूरी नहीं होने पर भी कर्मचारियों ने नाराजगी जताई।

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37 भत्ते बहाल करने की मांग

कर्मचारियों ने कहा कि वर्ष 2021 में बंद किए गए 37 भत्ते अभी तक बहाल नहीं किए गए हैं। उन्होंने 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती कर्मचारियों को सातवें केंद्रीय वेतन आयोग से जोड़ने वाले आदेश और संशोधित सेवा नियमों को वापस लेने की मांग की। कर्मचारियों के अनुसार नए कर्मचारियों को पंजाब के वेतनमान के तहत लाया जाना चाहिए।

इसके अलावा 200 रुपये का जजिया कर वापस लेने सहित स्वास्थ्य कर्मचारियों की अन्य मांगें पूरी करने की मांग भी की गई। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार चाहे कितने भी कर्मचारी विरोधी पत्र जारी करे, कर्मचारी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा और आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।

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