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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 31, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    सुखबीर बादल ने श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचकर निमाने सिख की तरह मांगी माफी, सिंह साहिबानों की बैठक जल्द बुलाने की अपील की

    Updated: Sat, 31 Aug 2024 05:34 PM (IST)

    Sukhbir Badal शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल एक निमाने सिख की तरह माफी मांगने के लिए श्री अकाल तख्त साहिब पर पहुंच गए हैं। वह श्री अकाल तख्त ...और पढ़ें

    Punjab News: माफी मांगने श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचे सुखबीर बादल।
    Punjab News: माफी मांगने श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचे सुखबीर बादल।

    जागरण संवाददाता, अमृतसर। शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल आज दोपहर श्री अकाल तख्त साहिब पर पहुंचकर माफी मांगी। वे दोपहर बाद 3:45 मिनट पर श्री अकाल तख्त सचिवालय में पेश होकर जत्थेदार रघबीर सिंह की गैर मौजूदगी में माफीनामा व स्पष्टीकरण सचिवालय के स्टाफ को सौंपा।

    सुखबीर बादल ने जत्थेदार रघबीर सिंह के नाम लिखे पत्र में जहां लिखित तौर से क्षमायाचना की है, वहीं उन्होंने श्री अकालतख्त साहिब से विधिवत तौर से पांच तख्तों के सिंह साहिबानों की बैठक जल्द से जल्द बुलाने की अपील करते हुए भूल बख्शाने का मौका देने की अपील की है।

    गलतियों व गुनाहों के लिए माफी मांगी

    उधर, पूर्व मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा, पूर्व मंत्री गुलजार सिंह रणिके, महेश इंद्र सिंह ग्रेवाल व शरणजीत सिंह ढिल्लों ने लिखित तौर से श्री अकाल तख्त सचिवालय में अपना स्पष्टीकरण स्टाफ को सौंप दिया है। उक्त पूर्व मंत्रियों ने भी पूर्व अकाली सरकार के दौरान जाने अनजाने में हुई गलतियों व गुनाहों के लिए माफी मांगी है।

    डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने बताया कि सुखबीर बादल आज निमाने सिख की तरह ही यहां पहुचे हैं क्योंकि उन्होंने बलविंदर सिंह भूंदड़ को कार्यकारी प्रधान बनाकर समस्त पावर उन्हें समर्पित कर दी है। इससे पहले डिंपी ढिल्लों ने अकाली दल से इस्तीफा दे दिया। वह आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। 

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    जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह के सामने पेश हुए सुखबीर बादल

    बता दें कि शिरोमणि अकाली दल बादल के प्रधान सुखबीर बादल एक निमाने सिख की तरह माफी मांगने के लिए श्री अकाल तख्त साहिब पर पहुंचे थे। वह श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह के समक्ष श्री अकाल तख्त सचिवालय में पेश हो गए थे। उनके साथ पूर्व कैबिनेट मंत्री दलजीत सिंह चीमा, वरणजीत सिंह ढिल्लों, पूर्व मंत्री गुलजार सिंह भी मौजूद रहे।

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