बरनाला के उद्योगों पर 'खाड़ी संकट' की मार, कच्चे माल की कीमतों ने बिगाड़ा बजट; सरकार से मदद की गुहार
बरनाला के बड़े कारोबारी खाड़ी देशों में चल रहे संकट से स्थानीय उद्योगों पर पड़ रहे प्रभाव को लेकर चिंतित हैं। कच्चे माल की बढ़ती कीमतें, डीजल के दाम औ ...और पढ़ें
-1774427185731_m.webp)
कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से इंडस्ट्री की बढ़ी टेंशन (AI Generated फोटो)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
हेमंत राजू, बरनाला। जिला बरनाला के बड़े कारोबारियों ने खाड़ी देशों में चल रहे के संकट के कारण स्थानीय उद्योगों को हो रही परेशानियों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि के चलते उद्योग के कारोबार पर असर पड़ने लगा है।
यदि यह स्थिति बनी रही, तो उद्योग के लिए अस्तित्व बनाए रखना कठिन हो जाएगा। बाक्स - प्लाई इंडस्ट्री के बड़े कारोबारी सतपाल गांधी बांसल ने कहा कि डीजल की बढ़ती कीमतें, इंडस्ट्रियल गैस की कमी और निर्यात शिपिंग में रुकावटों के कारण उत्पादन लागत में वृद्धि हो रही है, जिससे समय पर डिलीवरी प्रभावित हो रही है।
व्यापारी नेता अमनदीप मित्तल घेपा ने बताया कि इस संकट का एमएसएमई पर भारी दबाव है, जिसके परिणामस्वरूप उत्पादन में कमी, आर्डर में देरी और आर्थिक परेशानियों का खतरा बढ़ रहा है। कंटेनर की कीमतों में भी वृद्धि हुई है, जिसका सीधा असर उत्पादन लागत पर पड़ना तय है।
व्यापारी नेता नवीन सहौरियां ने कहा कि उद्योगों को लागत में वृद्धि, सप्लाई में बाधा और निर्यात में दिक्कत जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे कामकाज प्रभावित हो रहा है।
आढ़तियां एसोसिएशन बरनाला के प्रधान दर्शन सिंह संघेड़ा ने कहा कि बढ़ती लागत और भुगतान में देरी के कारण कारोबारियों पर आर्थिक बोश बढ़ रहा है, विशेषकर छोटे और मध्यम उद्योग अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
इंडस्ट्रलिस्ट मनू जिंदल बरनाला ने कहा कि इस संकट ने उद्योग और निर्यात व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर किया है। उन्होंने सरकार से एमएसएमई को समर्थन देने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है। इंडस्ट्री चेंबर बरनाला के चेयरमैन राज कुमार गोयल ने समय पर सरकार के हस्तक्षेप को आवश्यक बताया है, ताकि उद्योग को बचाया जा सके और रोजगार सुरक्षित रह सके।