बठिंडा में टोल प्लाजा का टेंडर दिलाने का झांसा, कारोबारी से 7 करोड़ की ठगी; फर्जी दस्तावेज दिखाकर ऐंठी रकम
बठिंडा में NHAI टोल प्लाजा का टेंडर दिलाने के नाम पर दिल्ली के एक कारोबारी से ₹7 करोड़ से अधिक की ठगी हुई है। ...और पढ़ें
-1785166100083_m.webp)
बठिंडा में टोल प्लाजा का टेंडर दिलाने का झांसा। फाइल फोटो
HighLights
दिल्ली के कारोबारी से NHAI टोल टेंडर के नाम पर ₹7 करोड़ ठगे।
आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज और बैंक खाते का उपयोग किया।
बठिंडा पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
जागरण संवाददाता, बठिंडा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के टोल प्लाजा का टेंडर दिलाने का झांसा देकर दिल्ली के एक कारोबारी से ₹7.04 करोड़ से अधिक की ठगी करने का मामला सामने आया है। थाना थर्मल पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक धमकी देने के आरोप में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में दिल्ली के पहाड़गंज निवासी एवं श्याम क्रिएशंस फर्म के संचालक मनीष गुप्ता ने बताया कि उनकी मुलाकात बठिंडा निवासी राकेश गोयल से हुई थी। राकेश ने खुद को प्रभावशाली लोगों से जुड़ा बताते हुए NHAI के टोल प्लाजा का टेंडर दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद उसने कथित अधिकारियों से मुलाकात करवाई और कई दस्तावेज दिखाकर विश्वास में लिया।
फर्जी पाया गया बैंक खाता
आरोप है कि राकेश गोयल और उसके साथियों ने NHAI से संबंधित होने का दावा करते हुए फर्जी पहचान पत्र, दस्तावेज और एग्रीमेंट तैयार किए। शिकायतकर्ता को भरोसा दिलाने के लिए पंजाब एंड सिंध बैंक में NHAIAPTL के नाम से एक बैंक खाता भी खुलवाया गया, जिसे बाद में जांच में फर्जी पाया गया।
शिकायत के अनुसार आरोपियों ने विभिन्न किस्तों में शिकायतकर्ता से ₹7 करोड़ 4 लाख 21 हजार 962 उक्त खाते में जमा करवाए। इसके अलावा करीब 1.50 करोड़ नकद लिए गए, जबकि 25 लाख एक निजी फर्म के खाते में ट्रांसफर करवाए गए।
खबरें और भी
जान से मारने की दी धमकी
जब लंबे समय तक टेंडर आवंटित नहीं हुआ तो मनीष गुप्ता को संदेह हुआ। जांच करने पर दस्तावेज और बैंक खाता फर्जी होने का पता चला। शिकायतकर्ता ने रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने कथित तौर पर उसे जान से मारने की धमकियां दीं।
प्रारंभिक जांच के बाद थाना थर्मल पुलिस ने राकेश गोयल, उसकी पत्नी शेफाली गोयल, दविंदर गर्ग, गगन तथा एक अन्य आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस बैंक खातों, दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।