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    तीन महीने तक की रेकी, 24 घंटे रखते थे नजर... इनफ्लुएंसर कमल कौर भाभी के हत्यारे ने किए चौंकाने वाले खुलासे

    Updated: Sat, 11 Apr 2026 10:03 AM (IST)

    लुधियाना की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कंचन कुमारी उर्फ कमल कौर भाभी हत्याकांड का मुख्य आरोपी अमृतपाल सिंह मेहरों गिरफ्तार हो गया है। पुलिस जांच में सामन ...और पढ़ें

    कमल कौर भाभी हत्याकांड: अमृतपाल सिंह मेहरों गिरफ्तार, तीन महीने की खौफनाक साजिश का खुलासा।

    कमल कौर भाभी हत्याकांड: अमृतपाल सिंह मेहरों गिरफ्तार, तीन महीने की खौफनाक साजिश का खुलासा।

    HighLights

    1. मुख्य आरोपी अमृतपाल सिंह मेहरों को गिरफ्तार किया गया

    2. यह हत्या तीन महीने की सोची-समझी साजिश थी

    3. प्रमोशन के बहाने बुलाकर गला घोंटकर हत्या की गई

    जागरण संवाददाता, बठिंडा। लुधियाना की इंटरनेट मीडिया इन्फ्लुएंसर कंचन कुमारी उर्फ कमल कौर भाभी हत्याकांड का मुख्य आरोपित अमृतपाल सिंह मेहरों की गिरफ्तारी के बाद कई ऐसे पहलू सामने आए हैं, जो इस पूरे अपराध को और भी भयावह बना देते हैं। यह सिर्फ एक हत्या नहीं थी, बल्कि महीनों तक रची गई एक सोची-समझी साजिश थी, जिसमें धोखा, लालच और क्रूरता का खतरनाक मिश्रण दिखाई देता है।

    पुलिस जांच में यह साफ हो चुका है कि यह हत्या अचानक नहीं हुई थी। आरोपित अमृतपाल पिछले तीन महीनों से कंचन की हर गतिविधि पर नजर रख रहा था। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर कंचन के घर, उसकी दिनचर्या और उसके संपर्कों की पूरी जानकारी जुटाई। वे कई दिनों तक उसके घर के आसपास ठहरते रहे और उसकी गतिविधियों का बारीकी से अध्ययन करते रहे।

    हत्या की साजिश को अंजाम देने के लिए अमृतपाल ने बेहद चालाकी से एक झूठी कहानी गढ़ी। उसने कंचन को कार शोरूम प्रमोशन का लालच दिया। पहले कंचन ने मना किया, लेकिन बार-बार फोन कर और उसकी कार की मरम्मत का झांसा देकर उसे अपने जाल में फंसा लिया। 9 जून को कंचन को लुधियाना से बठिंडा ले जाया गया। शुरुआत में सब कुछ सामान्य दिखाया गया। कार की मरम्मत, शहर में घूमना इन सबके जरिए उसे शक होने का कोई मौका नहीं दिया गया, लेकिन देर रात जब उसे सुनसान इलाके में ले जाया गया, तब असली योजना सामने आई।

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    आरोपिताें ने पहले उसके मोबाइल फोन के पासवर्ड जबरदस्ती लिए और फिर बेरहमी से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। यह पूरा घटनाक्रम लगभग 15 मिनट तक चला, जिसमें कंचन ने संघर्ष किया, लेकिन आखिरकार उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपितों ने सबूत मिटाने की भी पूरी कोशिश की। शव को कार में छोड़कर अस्पताल की पार्किंग में खड़ा कर दिया गया, ताकि मामला सामान्य लगे। लेकिन एक छोटी सी गलती गला घोंटने में इस्तेमाल किया गया फंदा कार में ही छूट जाना पूरे केस का अहम सुराग बन गया।

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    बाद में आरोपित दोबारा पार्किंग में लौटे और सबूत हटाने की कोशिश की, लेकिन तब तक जांच की दिशा तय हो चुकी थी। हत्या के कुछ ही घंटों बाद अमृतपाल देश छोड़कर भाग गया। उसने विदेश जाकर खुद को कानून से बचाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों के चलते उसकी लोकेशन ट्रेस कर ली गई। मिडिल ईस्ट की एजेंसियों के सहयोग से उसे हिरासत में लिया गया और लंबी प्रक्रिया के बाद भारत लाया गया।

    उसकी गिरफ्तारी इस मामले में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। अमृतपाल सिंह मेहरों का अतीत भी कम विवादित नहीं रहा है। वह मूल रूप से एक साधारण परिवार से जुड़ा था, लेकिन बाद में उसने अपनी पहचान बदली और धार्मिक व राजनीतिक गतिविधियों में शामिल हुआ। उसने चुनाव भी लड़ा, लेकिन सफलता नहीं मिली।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार उसका स्वभाव आक्रामक था और वह सोशल मीडिया कंटेंट को लेकर भी कट्टर सोच रखता था। यही मानसिकता इस अपराध के पीछे एक बड़ी वजह मानी जा रही है। इस मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांच और मजबूत होगी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस साजिश में और लोग भी शामिल थे।