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    बठिंडा के गोनियाना में चल रहा नशे का खुला खेल, ग्रामीणों ने कुछ परिवारों पर लगाया 'चिट्टा' बेचने का आरोप

    Updated: Sun, 12 Apr 2026 11:45 AM (GMT+05:30)

    बठिंडा के गोनियाना में नशा तस्करी का गंभीर मामला सामने आया है। मोहल्ला निवासियों ने कुछ परिवारों पर खुलेआम 'चिट्टा' बेचने का आरोप लगाया है। उनका कहना ...और पढ़ें

    बठिंडा के गोनियाना में चल रहा नशे का खुला खेल (फोटो: जागरण)

    बठिंडा के गोनियाना में चल रहा नशे का खुला खेल (फोटो: जागरण)

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    जागरण संवाददाता, बठिंडा। बठिंडा जिले के गोनियाना क्षेत्र में नशा तस्करी को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है। जानकारी के अनुसार, एक दिन पहले मोहल्ला वासियों ने एकजुट होकर कुछ परिवारों पर “चिट्टा” (सिंथेटिक ड्रग) बेचने के गंभीर आरोप लगाए थे। लोगों का कहना है कि लंबे समय से इलाके में खुलेआम नशे की बिक्री हो रही है, लेकिन पुलिस इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही।

    मोहल्ला निवासियों ने बताया कि उन्होंने कई बार इस संबंध में प्रशासन और पुलिस को शिकायत दी, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी। लोगों का आरोप है कि नशा तस्करों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे बिना किसी डर के अपना कारोबार चला रहे हैं। इस स्थिति ने आम जनता, खासकर युवाओं के भविष्य को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है।

    मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब “युद्ध नशों के विरुद्ध” अभियान से जुड़े एक कोआर्डिनेटर ने भी खुले तौर पर यह आरोप लगाया कि इलाके में नशा बिक रहा है और इसमें पुलिस की मिलीभगत हो सकती है।

    इस बयान के सामने आने के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। लोगों का कहना है कि अगर नशा विरोधी अभियान से जुड़ा जिम्मेदार व्यक्ति ही ऐसे आरोप लगा रहा है, तो यह प्रशासन के लिए बेहद गंभीर चेतावनी है।

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    स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं, पुलिस की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

    हालांकि, सूत्रों के अनुसार, उच्च अधिकारी पूरे मामले की जानकारी ले रहे हैं और जल्द ही कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। गौरतलब है कि पंजाब में नशे का मुद्दा लंबे समय से गंभीर समस्या बना हुआ है और सरकार लगातार इसके खिलाफ अभियान चला रही है। ऐसे में गोनियाना से सामने आया यह मामला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।