पंजाब के बठिंडा में कैमरा लगाकर जासूसी करने वाला मास्टरमाइंड अरेस्ट, महज 13000 रुपये में मिलाया था पाकिस्तान से हाथ
मलोट रोड जासूसी कैमरा मामले में मुख्य आरोपित नींबू गिरफ्तार, जिसने रिमांड में विदेशी तत्वों से संपर्क और सेना की गतिविधियों की जानकारी जुटाने के खुलास ...और पढ़ें

जासूसी कैमरा प्रकरण का मुख्य आरोपित नींबू गिरफ्तार, रिमांड में किए कई खुलासे।
HighLights
मुख्य आरोपित नींबू ने विदेशी तत्वों से संपर्क स्वीकारा
सेना की गतिविधियों पर नजर रखने को कैमरा लगाया
पुलिस रिमांड में 13 हजार रुपये के लेन-देन का खुलासा
नितिन सिंगला, बठिंडा। मलोट रोड पर जासूसी कैमरा लगाने के मामले में थाना थर्मल पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपित नींबू ने पुलिस रिमांड के दौरान कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि वह ऑनलाइन माध्यम से संदिग्ध विदेशी तत्वों के संपर्क में आया था और उनके कहने पर सेना की गतिविधियों की जानकारी जुटाने के उद्देश्य से सोलर आधारित कैमरा लगाने की साजिश में शामिल हुआ।
पुलिस ने आरोपित को अदालत में पेश कर दो दिन का रिमांड हासिल किया है। मामले में दो अन्य आरोपितों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि चौथे आरोपित की तलाश जारी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार रिमांड के दौरान नींबू ने पुलिस को बताया है कि इस काम के बदले उसे 13 हजार रुपये ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराए गए थे।
यह राशि सीधे उसके खाते में न भेजकर किसी अन्य व्यक्ति अथवा दुकानदार के खाते में ट्रांसफर करवाई गई थी। पुलिस अब इस लेन-देन, इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और वर्चुअल नंबरों की गहन जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपित किन-किन लोगों के संपर्क में था और उसके विदेशी संपर्कों की वास्तविक पहचान क्या है।
पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि आरोपित नींबू क्रेन चालक का काम करता था और कुछ समय दुबई में भी रह चुका है। वहां से लौटने के बाद वह कथित तौर पर ऑनलाइन माध्यम से संदिग्ध लोगों के संपर्क में आया। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि उसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए इस काम के लिए तैयार किया गया था।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ में सामने आया है कि कुछ संदिग्ध विदेशी संपर्कों ने नींबू से ऑनलाइन माध्यम के जरिए संपर्क किया था। आरोप है कि उन्होंने उसे मलोट रोड क्षेत्र में सेना की गतिविधियों और आने-जाने वाले सैन्य वाहनों की जानकारी जुटाने के लिए कैमरा लगाने का काम सौंपा था। इसके बाद नींबू ने इस कार्य को अंजाम देने के लिए अशोक और आकाशदीप को अपने साथ जोड़ा।
जांच में यह भी सामने आया है कि सबसे पहले अशोक के नाम पर एक सिम कार्ड की व्यवस्था की गई। इसके बाद सोलर आधारित कैमरा लगाने की योजना बनाई गई। मार्च 2026 में तीनों आरोपितों ने मलोट रोड स्थित एक पेट्रोल पंप के निकट कैमरा लगाने का प्रयास किया था। हालांकि स्थानीय लोगों द्वारा पूछताछ किए जाने पर वे कैमरा हटाकर वहां से चले गए।
कुछ दिनों बाद आरोपित दोबारा रात के समय मौके पर पहुंचे और सिम कार्ड से संचालित सोलर आधारित कैमरा बिजली के खंभे पर लगाकर फरार हो गए। पुलिस द्वारा जून माह में की गई जांच के दौरान पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ।
तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने कैमरा लगाने में शामिल लोगों की पहचान की और मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। इसके बाद दो आरोपितों की गिरफ्तारी हुई, जबकि मुख्य आरोपित नींबू लगातार गिरफ्तारी से बचता रहा।
गौरतलब है कि जून माह में थाना थर्मल पुलिस ने मलोट रोड क्षेत्र में लगाए गए एक संदिग्ध सोलर आधारित कैमरे के मामले का खुलासा करते हुए चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान पुलिस ने अशोक और आकाशदीप नामक दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि मामले का मुख्य आरोपित नींबू फरार चल रहा था।
बीते दिनों पुलिस ने उसे बटाला क्षेत्र से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। थाना थर्मल के एसएचओ हरजोत सिंह ने बताया कि मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है तथा फरार चौथे आरोपित की तलाश जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि आगे की पूछताछ में मामले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्य भी सामने आ सकते हैं।