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    बठिंडा में 11 दिन बाद सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, बारिश ने बढ़ाई चुनौती; कूड़े और सीवरेज जाम से जूझ रहे लोग

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 04:48 PM (IST)

    बठिंडा में 11 दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों और सीवरेज वर्करों की हड़ताल समाप्त हो गई है, जिससे शहरवासियों को राहत मिली है। ...और पढ़ें

    11 दिन बाद सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म। फोटो जागरण

    11 दिन बाद सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म। फोटो जागरण

    जागारण संवाददाता, बठिंडा। 11 दिनों तक चली सफाई कर्मचारियों और सीवरेज वर्करों की हड़ताल मंगलवार को समाप्त हो गई, जिससे शहरवासियों को राहत की उम्मीद जगी है। हालांकि हड़ताल खत्म होने के साथ ही नगर निगम के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है। सोमवार देर शाम हुई बारिश ने कई दिनों से नहीं उठाए गए कूड़े को सड़कों, गलियों, बाजारों और सीवरेज लाइनों तक पहुंचा दिया, जिससे शहर के अनेक हिस्सों में गंदगी और जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है।

    पंजाब सरकार की ओर से कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने का भरोसा दिए जाने के बाद प्रदेशभर में हड़ताल समाप्त करने का ऐलान किया गया। बठिंडा में मेयर पदमजीत मेहता धरनास्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को सरकार की ओर से मिले आश्वासन की जानकारी दी।

    उन्होंने कहा कि निगम के जनरल हाउस की बैठक बुलाकर कर्मचारियों की मांगों संबंधी प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजे जाएंगे, ताकि आगे की कार्रवाई हो सके। इसके बाद सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान विनोद माली और सीवरेज वर्कर यूनियन के प्रधान रवि कुमार ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा करते हुए सभी कर्मचारियों को तुरंत काम पर लौटने के निर्देश दिए।

    हड़ताल समाप्त होते ही नगर निगम प्रशासन हरकत में आ गया और दोपहर बाद शहरभर में युद्धस्तर पर सफाई अभियान शुरू कर दिया गया। नगर निगम के चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर संदीप कटारिया ने बताया कि सबसे पहले शहर में बने स्थायी और अस्थायी कूड़ा डंप हटाए जा रहे हैं।

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    इसके लिए जेसीबी मशीनें और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लगाई गई हैं। बुधवार से घर-घर कूड़ा उठाने का कार्य भी दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि अगले दो से तीन दिनों में पूरे शहर की सफाई व्यवस्था सामान्य कर दी जाएगी।

    इधर, बारिश के कारण हालात और जटिल हो गए हैं। कई दिनों से जमा कूड़ा बारिश के पानी के साथ बकर सड़कों और बाजारों में फैल गया है। शहर के प्रमुख बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में दुकानों के बाहर प्लास्टिक, पत्तों और अन्य कचरे की परतें जमा हो गई हैं।

    कई दुकानदारों को स्वयं सफाई करनी पड़ रही है ताकि ग्राहकों को परेशानी न हो। सबसे बड़ी समस्या सीवरेज व्यवस्था को लेकर सामने आई है। बारिश का पानी कूड़े को बहाकर नालों और सीवरेज लाइनों तक ले गया, जिससे कई स्थानों पर सीवरेज जाम हो गया।

    नतीजतन कई मोहल्लों में गंदा पानी सड़कों और गलियों में जमा हो गया है। कुछ क्षेत्रों में सीवरेज का पानी घरों के बाहर तक पहुंचने की शिकायतें भी सामने आई हैं, जिससे लोगों को बदबू और गंदगी के बीच रहना पड़ रहा है। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि मुख्य सड़कों, बाजारों और संवेदनशील इलाकों में प्राथमिकता के आधार पर सफाई और सीवरेज सफाई अभियान चलाया जा रहा है।

    कूड़े के ढेर हटाने और जाम सीवरेज लाइनों को खोलने के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं। हालांकि पूरे शहर में फैली गंदगी को हटाने और व्यवस्था को पूरी तरह पटरी पर लाने में एक से दो दिन का समय लग सकता है।