Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bathinda News: मिनी सचिवालय व अदालत की दीवारों पर लिखे गए खालिस्तान जिंदाबाद के नारे, आतंकी पन्नू ने ली जिम्मेदारी

    Updated: Sat, 27 Apr 2024 04:04 PM (IST)

    मिनी सचिवालय समेत तीन सरकारी दफ्तरों की दीवारों पर अज्ञात लोगों ने खालिस्तान के नारे लिखे गए हैं। नारे लिखे जाने के बाद बठिंडा पुलिस की बड़ी लापरवाही ...और पढ़ें

    मिनी सचिवालय व अदालत की दीवारों पर लिखे गए खालिस्तान जिंदाबाद के नारे।
    मिनी सचिवालय व अदालत की दीवारों पर लिखे गए खालिस्तान जिंदाबाद के नारे।

    जागरण संवाददाता, बठिंडा। शहर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले मिनी सचिवालय समेत तीन सरकारी दफ्तरों की दीवारों पर अज्ञात लोगों ने शनिवार सुबह को खालिस्तान के नारे लिखे हैं। इसमें मिनी सचिवालय, डाकघर और महिला थाना व जिला अदालत परिसर की दीवारों पर यह नारे लिखे गए है, जिसके बाद से बठिंडा पुलिस की लापरवाही के चलते मिनी सचिवालय व जिला अदालत की सुरक्षा में बडी चूक सामने आई है। जिसका पता शनिवार सुबह चला, जिसके बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।

    सीआईए स्टाफ एवं डीएसपी डी, एसपी सिटी समेत सीआईडी विभाग की टीमें मौके पर पहुंची और उन्होंने तुरंत काला रंग करवाकर उक्त नारे मिटवाएं। वहीं, सीआईए स्टाफ के अलावा थाना सिविल लाइन पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जबकि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की जा रही है, जिससे उक्त नारे लिखे वाले लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।

    नारे लिखे जाने से खुली सुरक्षा की पोल

    बता दें कि जिन सरकारी दफ्तरों की दीवारों पर उक्त खालिस्तानी नारे लिखे गए है, वहां से डीसी और एसएसपी की कोठी महज चंद कदमों की दूरी पर स्थित है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन जगहों पर खालिस्तान के नारे लिखे गए हैं वह एरिया जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों की कोठी भी है जहां पर 24 घंटे सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। इसके बावजूद भी खालिस्तान के नारे लिखे जाना सुरक्षा के दावों की पोल खोलता है।

    मिनी सचिवालय की जिस दीवार पर खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लिखें गए है, वो महिला पुलिस थाना से कुछ कदम दूरी पर ही है। इसके अलावा मिनी सचिवालय में दाखिल होते ही तीन सीसीटीवी कैमरे सामने नजर आते है, लेकिन किसी का भी फोक्स बाहर की तरफ नहीं और इतना ही नहीं एक कैमरा, तो बिलकुल सामने सिर्फ दिखावे के लिए टांग रखा है। जिस पर अकेली एक तार लटक रही है।

    खबरें और भी

    ये भी पढ़ें: Punjab Politics: दांव पर मुख्यमंत्री मान और पूर्व सीएम चन्नी की साख, साल 2022 के बाद फिर दिखेगी कांटे की टक्कर

    कड़ी सुरक्षा के बीच आखिर कैसे लिखे गए नारे

    वहीं, मौके पर पहुंची पुलिस टीम एवं डीएसपी डी ने आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरों को चेक करना शुरू कर दिया। दूसरी तरफ अदालत परिसर की जिस दीवार पर खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लिखें गए है, उस दीवार से एसएसपी कार्यालय कुछ कदमों की दूरी पर है। जहां पर हर समय पुलिस फोर्स का पहरा रहता है। उक्त दो महत्वपूर्ण स्थानों की दीवारों पर खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लिखें जाना पुलिस की सीधे तौर पर बड़ी लापरवाही सामने नजर आ रही है।

    मिनी सचिवालय के अंदर दाखिल होते ही बिलकुल सामने तीन सीसीटीवी कैमरे नजर आते है। दो कैमरों का फोक्स सिर्फ अंदर पार्किंग की तरफ है, जबकि जो बिलकुल सामने कैमरा लगा है, वो सिर्फ दिखावे के लिए लगा है। उसकी एक तार लटक रही है।

    विदेश में बैठे गुरपतवंत पन्नू ने वीडियो जारी कर ली जिम्मेवारी

    हर बार की तरह इस बार भी खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लिखने की जिम्मेवारी विदेश में बैठे गुरपंतवंत सिंह पन्नू ने एक वीडियो जारी करके ली है। उधर, एसएसपी दीपक पारीक का कहना है कि मामले की जांच चल रही है, जल्द ही उक्त नारे लिखने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। किसी भी व्यक्ति को माहाैल खराब करने या जिले की शांति भंग करने नहीं दी जाएगी।

    ये भी पढ़ें: Punjab Lok Sabha Election: आप पर जीत का दबाव, अकाली दल के लिए साख बचाने की चुनौती; क्या है बठिंडा सीट का गणित